राजनीति – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com National News Portal Tue, 06 Oct 2026 10:46:35 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://himalayanganesha.com/wp-content/uploads/2025/09/cropped-Screenshot-2025-09-05-114937-32x32.png राजनीति – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com 32 32 चुनाव आयोग के खिलाफ विपक्ष का हल्लाबोल, बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी, लहराया तिरंगा https://himalayanganesha.com/2026/10/06/opposition-launches-a-fierce-protest-against-the-election-commission-rahul-gandhi-climbs-the-barricade-and-waves-the-tricolour/ Tue, 06 Oct 2026 10:46:35 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/06/opposition-launches-a-fierce-protest-against-the-election-commission-rahul-gandhi-climbs-the-barricade-and-waves-the-tricolour/

‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ के लगे नारे

नई दिल्ली। संसद से मंगलवार को विपक्षी सांसदों ने ‘लोकतंत्र बचाओ’ मार्च निकालकर चुनाव आयोग के खिलाफ अपना विरोध दर्ज कराया। विपक्षी नेता निर्वाचन सदन की ओर बढ़ रहे थे, लेकिन संसद मार्ग पर दिल्ली पुलिस ने भारी बैरिकेडिंग कर उन्हें रोक दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच तनाव की स्थिति बन गई। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी वाड्रा समेत कई विपक्षी सांसद बैरिकेड के पास पहुंच गए।

मार्च के दौरान राहुल गांधी बैरिकेड पर चढ़ गए और तिरंगा लहराकर विरोध जताया। उनके साथ कई अन्य युवा सांसद भी आगे बढ़े। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए चुनाव प्रक्रिया और मतदाता सूची से जुड़े मुद्दों पर सवाल उठाए।

विपक्ष ने क्यों निकाला मार्च?

विपक्ष का आरोप है कि विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट से हटाए गए हैं। विपक्षी दलों का कहना है कि मतदाता सूची में किए जा रहे बदलावों और फॉर्म-6 से जुड़े संशोधनों को लेकर पारदर्शिता जरूरी है। इसी मुद्दे को लेकर विपक्ष लगातार चुनाव आयोग पर सवाल उठा रहा है।

बैरिकेड पर चढ़े राहुल गांधी

संसद मार्ग पर नीति आयोग और आकाशवाणी भवन के बीच पुलिस ने बैरिकेड लगाए थे। रास्ता रोके जाने के बाद राहुल गांधी कुछ देर सड़क पर धरने पर बैठे। इसके बाद वह अचानक बैरिकेड पर चढ़ गए और हाथ में तिरंगा लेकर उसे लहराया। इस दौरान कई सांसद भी उनके साथ नजर आए।

राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को निशाने पर लेते हुए लिखा, ‘ज्ञानेश, हो गया भाई… अब इस्तीफा देने का समय आ गया है।’ प्रदर्शन के दौरान विपक्षी सांसदों ने ‘वोट चोर, गद्दी छोड़ो’ जैसे नारे भी लगाए।

कई सांसद हिरासत में लिए गए

प्रदर्शन आगे बढ़ने पर दिल्ली पुलिस ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा, अखिलेश यादव और अभिषेक बनर्जी समेत कई विपक्षी सांसदों को हिरासत में लेने की कोशिश की। पुलिस उन्हें बस में ले जाने का प्रयास कर रही थी, लेकिन सांसदों ने इसका विरोध किया। इसके बाद राहुल गांधी और प्रियंका गांधी बस से उतरकर आकाशवाणी भवन के रिसेप्शन गेट की ओर चले गए।

आकाशवाणी भवन के बाहर डटे विपक्षी नेता

विपक्षी नेता आकाशवाणी भवन परिसर में एक पेड़ के नीचे बैठकर विरोध जताते रहे। चुनाव आयोग का मुख्यालय आकाशवाणी भवन से करीब 270 मीटर की दूरी पर स्थित है। विपक्ष का कहना है कि वह शांतिपूर्ण तरीके से निर्वाचन सदन तक मार्च करना चाहता था, लेकिन पुलिस की भारी बैरिकेडिंग और सुरक्षा व्यवस्था के कारण उन्हें आगे बढ़ने से रोक दिया गया।

फिलहाल राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और कांग्रेस के कई वरिष्ठ नेताओं समेत विपक्षी सांसद आकाशवाणी भवन परिसर में मौजूद हैं। पुलिस की ओर से प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लेकर स्थिति पर सभी की नजर बनी हुई है।

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उत्तराखंड में एसआईआर पर सियासी घमासान, कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की कार्यप्रणाली पर उठाए सवाल https://himalayanganesha.com/2026/10/05/political-row-over-sir-in-uttarakhand-congress-questions-the-election-commissions-functioning/ Mon, 05 Oct 2026 10:44:13 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/05/political-row-over-sir-in-uttarakhand-congress-questions-the-election-commissions-functioning/

कांग्रेस एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष मनोज रावत ने आरोप लगाया कि प्रक्रिया के दौरान बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाए गए और आयोग से वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने की मांग की

देहरादून। उत्तराखंड में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर कांग्रेस ने निर्वाचन आयोग की प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उत्तराखंड कांग्रेस की एसआईआर कमेटी के अध्यक्ष और पूर्व विधायक मनोज रावत ने दावा किया कि एसआईआर प्रक्रिया के दौरान प्रदेश में करीब 13.85 लाख मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए। उन्होंने कहा कि प्री-एसआईआर और एसआईआर के दौरान हुई मतदाता कटौती के वास्तविक आंकड़े निर्वाचन आयोग की ओर से सार्वजनिक नहीं किए जा रहे हैं।

कांग्रेस भवन में आयोजित पत्रकार वार्ता में मनोज रावत ने आरोप लगाया कि फॉर्म-7 को ऑटो जनरेट करने, भाजपा कार्यकर्ताओं की कथित शिकायतों को आधार बनाने और शिकायतकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई नहीं किए जाने से एसआईआर प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े होते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पात्र मतदाताओं के नाम सूची से हटाने के मामले में निर्वाचन आयोग और भाजपा के बीच मिलीभगत रही है।

रावत ने कहा कि उत्तराखंड जैसे छोटे राज्य में करीब 14 प्रतिशत मतदाताओं के नाम हटाया जाना गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस मुद्दे को लेकर न्यायालय का रुख करेगी। उनके मुताबिक कांग्रेस के बीएलओ की सक्रियता के कारण बड़ी संख्या में पात्र मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में बरकरार रह सके।

उन्होंने आगामी दिनों में फॉर्म-6 के जरिए नए मतदाताओं के नाम जोड़ने की प्रक्रिया पर भी सवाल उठाए। रावत ने कहा कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने और हटाने की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। साथ ही निर्वाचन आयोग को एसआईआर से संबंधित सभी वास्तविक आंकड़े सार्वजनिक करने चाहिए, ताकि पूरी प्रक्रिया को लेकर स्थिति स्पष्ट हो सके।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश महासचिव राजेंद्र भंडारी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष (अल्पसंख्यक) हाजी सुलेमान अंसारी, मुख्य प्रवक्ता गरिमा मेहरा दसौनी, एसआईआर कमेटी के सदस्य अमेंद्र बिष्ट और अधिवक्ता संदीप चमोली मौजूद रहे।

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सीईसी के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन, पुलिस ने कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया https://himalayanganesha.com/2026/10/03/protest-in-delhi-demanding-the-cecs-resignation-police-detained-several-protesters/ Sat, 03 Oct 2026 10:29:20 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/03/protest-in-delhi-demanding-the-cecs-resignation-police-detained-several-protesters/

जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में भारी सुरक्षा तैनात; पुलिस ने लाउडस्पीकर से प्रदर्शनकारियों से जगह खाली करने की अपील की

नई दिल्ली। जंतर-मंतर पर शनिवार को वामपंथी छात्र संगठनों के आह्वान पर प्रदर्शन और मार्च के चलते दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रदर्शनकारी विट्ठल हाउस से जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे हैं। इस दौरान पुलिस ने योगेंद्र यादव, प्रशांत भूषण और नेहा बोरा समेत कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। पुलिस की ओर से लगातार प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की कार्रवाई जारी है।

प्रदर्शन को देखते हुए जंतर-मंतर और आसपास के इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस लाउडस्पीकर के जरिए प्रदर्शनकारियों से जंतर-मंतर और आसपास का क्षेत्र खाली करने की अपील कर रही है। प्रदर्शनकारियों के आने-जाने वाले मार्गों पर भी निगरानी बढ़ाई गई है।

बताया गया है कि आइसा की अगुवाई में विट्ठल हाउस से जंतर-मंतर तक मार्च निकाला जा रहा है। मार्च का नेतृत्व नेहा बोरा और कपिल सिब्बल कर रहे हैं। मार्च के दौरान पुलिस ने कई लोगों को रोककर हिरासत में लिया है।

इससे पहले मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर हुए प्रदर्शनों के मामले में दिल्ली पुलिस ने तीन एफआईआर दर्ज की थीं। इनमें दो मामले संसद मार्ग थाने और एक मामला कनॉट प्लेस थाने में दर्ज किया गया है।

पुलिस ने इन मामलों में भारतीय न्याय संहिता की धारा 223, 221, 132 और 3(5) के तहत केस दर्ज किया है। इन धाराओं में निषेधाज्ञा के उल्लंघन, लोक सेवकों के काम में बाधा डालने और गैरकानूनी जमावड़े से जुड़े प्रावधान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, मामलों की जांच की जा रही है।

पिछले जुलाई में हुए प्रदर्शन के अनुभव को देखते हुए इस बार दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर के साथ-साथ वहां पहुंचने वाले प्रमुख रास्तों पर भी सुरक्षा बढ़ाई है। प्रदर्शन शुरू होने से पहले ही इलाके में पुलिस का कड़ा घेरा बनाया गया था। लुटियंस दिल्ली की तरफ आने वाले रास्तों पर पूछताछ और निगरानी बढ़ाई गई, जबकि कुछ दिल्ली मेट्रो स्टेशनों पर भी आवाजाही प्रभावित रही।

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उत्तराखंड में वोटर लिस्ट को लेकर कांग्रेस का बड़ा ऐलान, वैध मतदाता का नाम कटा तो होगा सीधा ऐक्शन https://himalayanganesha.com/2026/09/23/congress-makes-major-announcement-regarding-voter-lists-in-uttarakhand-direct-action-to-be-taken-if-a-valid-voters-name-is-deleted/ Wed, 23 Sep 2026 10:54:55 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/23/congress-makes-major-announcement-regarding-voter-lists-in-uttarakhand-direct-action-to-be-taken-if-a-valid-voters-name-is-deleted/

देश के चुनाव आयोग को ज्ञानेश कुमार ने बना दिया पंगु- सूर्यकांत धस्माना

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर चुनाव आयोग के अधिकारियों पर गंभीर सवाल उठाए हैं। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि प्रदेश में किसी भी वैध मतदाता का नाम मतदाता सूची से हटाया गया तो पार्टी इसे बर्दाश्त नहीं करेगी। कांग्रेस ने कहा कि ऐसी स्थिति में चुनाव आयोग के अधिकारियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से घेराव, प्रदर्शन और अन्य आंदोलनात्मक कदम उठाए जाएंगे।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में पत्रकारों से बातचीत करते हुए एआईसीसी सदस्य एवं प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने यह बात कही। उन्होंने एक राष्ट्रीय समाचार पत्र में प्रकाशित चुनाव आयोग से जुड़ी खोजी रिपोर्ट का हवाला देते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। धस्माना ने कहा कि रिपोर्ट में सामने आए तथ्यों से कांग्रेस नेता राहुल गांधी की ओर से चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली और मुख्य चुनाव आयुक्त व चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों को बल मिलता है।

धस्माना ने आरोप लगाया कि मुख्य चुनाव आयुक्त केंद्र सरकार के प्रभाव में काम कर रहे हैं और भाजपा व आरएसएस के एजेंडे के अनुरूप लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने पश्चिम बंगाल के चुनावों का जिक्र करते हुए दावा किया कि बड़ी संख्या में वैध मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए गए थे और बाद में कई नाम वापस जोड़े गए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड में प्रदेश कांग्रेस ने एसआईआर के दौरान कथित गड़बड़ियों और अनियमितताओं को लेकर राज्य के मुख्य निर्वाचन अधिकारी बीआरसी पुरुषोत्तम को कई बार प्रमाणों के साथ शिकायतें दी हैं। कांग्रेस का आरोप है कि राजनीतिक दबाव के चलते उसके पारंपरिक समर्थक मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। धस्माना ने कहा कि यदि किसी वैध मतदाता का नाम हटाया गया तो कांग्रेस इसके खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से संघर्ष करेगी।

तिलक राज बेहड़ पर हमले को लेकर भी भाजपा पर निशाना

धस्माना ने ऊधमसिंह नगर के किच्छा में पूर्व मंत्री एवं किच्छा विधायक तिलक राज बेहड़ पर हुए हमले की घटना को भी गंभीर मुद्दा बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के पूर्व विधायक के नेतृत्व में भाजपा से जुड़े अराजक और आपराधिक तत्वों ने विधायक पर हमला किया।

धस्माना ने इस घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए आरोप लगाया कि भाजपा उत्तराखंड को बिहार और उत्तर प्रदेश की तर्ज पर कथित ‘जंगल राज’ की ओर ले जाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस इस तरह की घटनाओं को स्वीकार नहीं करेगी।

उन्होंने आरोप लगाया कि किच्छा नगर निकाय चुनाव में संभावित हार को देखते हुए भाजपा बौखलाहट में इस तरह की कार्रवाई कर रही है। कांग्रेस नेता ने घटना में शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि प्रदेश में कानून-व्यवस्था और लोकतांत्रिक व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।

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कांग्रेस ने अग्निवीर योजना पर सरकार को घेरा, युवाओं के भविष्य को लेकर उठाए सवाल https://himalayanganesha.com/2026/09/17/congress-corners-the-government-over-the-agniveer-scheme-raises-questions-about-the-future-of-the-youth/ Thu, 17 Sep 2026 11:00:22 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/17/congress-corners-the-government-over-the-agniveer-scheme-raises-questions-about-the-future-of-the-youth/

गणेश गोदियाल बोले- युवाओं को चार साल की नौकरी नहीं, पक्की नौकरी चाहिए

देहरादून। कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल, चुनाव अभियान समिति के अध्यक्ष प्रीतम सिंह और चुनाव प्रबंधन समिति के अध्यक्ष डॉ. हरक सिंह रावत ने केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना को लेकर सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि उत्तराखंड जैसे सैन्य बहुल राज्य में इस योजना का युवाओं और सैन्य परिवारों पर विशेष प्रभाव पड़ा है। कांग्रेस ने सरकार से अग्निवीरों के भविष्य और चार वर्ष की सेवा के बाद रोजगार की ठोस व्यवस्था स्पष्ट करने की मांग की।

प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिवस पर आयोजित दीपोत्सव को लेकर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि देश में महंगाई और बेरोजगारी के बीच आम लोगों के लिए दो वक्त का चूल्हा जलाना मुश्किल हो रहा है, ऐसे समय में हजारों टन तेल खर्च कर दीप जलाने की होड़ उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यदि जनता सरकार के कार्यों से खुश होकर दीप जलाती तो स्थिति अलग होती।

गणेश गोदियाल ने अग्निवीर योजना को युवाओं के स्थायी रोजगार के अवसरों को सीमित करने वाली व्यवस्था बताया। उन्होंने कहा कि बड़ी संख्या में युवा सेना में स्थायी नौकरी की उम्मीद लेकर वर्षों तक तैयारी करते हैं, लेकिन अग्निवीर व्यवस्था में अधिकांश युवाओं का सैन्य करियर चार वर्ष बाद समाप्त हो जाता है। कांग्रेस ने सवाल उठाया कि 17-18 वर्ष की उम्र में सेना में भर्ती होने वाला युवा चार वर्ष बाद करीब 21-22 वर्ष की उम्र में दोबारा रोजगार की तलाश में पहुंच जाता है तो उसके भविष्य और परिवार की आर्थिक सुरक्षा कैसे सुनिश्चित होगी।

उन्होंने नियमित सैनिकों और अग्निवीरों के बीच सेवा अवधि, वेतन, पेंशन और सामाजिक सुरक्षा में अंतर का मुद्दा भी उठाया। कांग्रेस का कहना है कि देश की सुरक्षा के लिए समान जोखिम उठाने वाले जवानों के लिए दीर्घकालिक सामाजिक सुरक्षा पर स्पष्ट नीति होनी चाहिए।

प्रीतम सिंह ने कहा कि अग्निवीर योजना का उत्तराखंड के युवाओं पर विशेष असर पड़ा है। उन्होंने कहा कि प्रदेश की सैन्य परंपरा गौरवशाली रही है और पहाड़ी क्षेत्रों के हजारों परिवार पीढ़ियों से सेना में रोजगार को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा का आधार मानते रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा चार वर्ष की नौकरी नहीं, बल्कि स्थायी और सुरक्षित रोजगार चाहते हैं।

प्रीतम सिंह ने पेंशन और सामाजिक सुरक्षा को लेकर भी सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की। उन्होंने सवाल उठाया कि सेवा से बाहर होने वाले 75 प्रतिशत युवाओं के लिए रोजगार का स्थायी रोडमैप क्या है और सरकार उनके पुनर्वास की किस तरह व्यवस्था करेगी।

डॉ. हरक सिंह रावत ने कहा कि केवल अलग-अलग विभागों में आरक्षण या प्राथमिकता देने की घोषणा पर्याप्त नहीं है। सरकार को यह भी सार्वजनिक करना चाहिए कि वास्तव में कितने अग्निवीरों को सेवा समाप्त होने के बाद स्थायी रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सैन्य बाहुल्य राज्य है और यहां सेना से जुड़ाव परिवारों की भावनाओं से भी जुड़ा है। उनके अनुसार सेना की भर्ती को केवल रोजगार के आंकड़े सुधारने का माध्यम नहीं बनाया जाना चाहिए।

कांग्रेस नेताओं ने नियमित सेना भर्ती प्रक्रिया को मजबूत करने, रिक्त पदों को समयबद्ध तरीके से भरने और युवाओं को पर्याप्त भर्ती अवसर उपलब्ध कराने की मांग की। साथ ही उत्तराखंड के लिए विशेष भर्ती नीति और सेवा से बाहर होने वाले अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए अलग पैकेज की मांग भी उठाई गई।

सैनिक विभाग के अध्यक्ष कर्नल राम रतन नेगी ने दावा किया कि पहले प्रतिवर्ष करीब 80 हजार युवाओं को सेना में रोजगार मिलता था, जो अब घटकर करीब 47 हजार रह गया है। उन्होंने कहा कि यदि इनमें से 25 प्रतिशत युवाओं को ही आगे नियमित सेवा में लिया जाता है तो करीब 12 हजार युवाओं को स्थायी सेवा मिलती है। उन्होंने इस संबंध में सरकार से आधिकारिक आंकड़े स्पष्ट करने की मांग की।

कांग्रेस ने सरकार के सामने कई सवाल रखे। इनमें चार वर्ष की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों के लिए रोजगार की व्यवस्था, अब तक स्थायी सरकारी रोजगार पाने वाले अग्निवीरों की संख्या, सेना में रिक्त पदों को भरने की समयसीमा और उत्तराखंड के कितने युवाओं को अग्निवीर योजना के तहत भर्ती मिली, जैसे मुद्दे शामिल रहे।

कांग्रेस ने यह भी पूछा कि क्या सरकार अग्निवीर योजना की स्वतंत्र समीक्षा कराने और अग्निवीरों को भविष्य में नियमित सैनिकों के समान सम्मानजनक सेवा-सुरक्षा देने पर विचार करेगी।

पत्रकार वार्ता में पूर्व विधायक जोत सिंह गुनसोला, महिला प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला, प्रदेश प्रवक्ता डॉ. प्रतिमा सिंह समेत अन्य कांग्रेस पदाधिकारी मौजूद रहे।

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तेजस्वी का बड़ा ऐलान, कहा- सरकार बनते ही महिलाओं के खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे 30 हजार रुपये https://himalayanganesha.com/2025/11/04/tejashwi-yadav-made-a-big-announcement-saying-that-rs-30000-will-be-transferred-to-womens-accounts-as-soon-as-the-government-is-formed/ Tue, 04 Nov 2025 09:41:56 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=4010

तेजस्वी बोले- किसानों को सिंचाई के लिए बिजली होगी बिल्कुल फ्री

पटना। बिहार में चुनावी सरगर्मी बढ़ते ही महागठबंधन के मुख्यमंत्री फेस तेजस्वी यादव ने मंगलवार को एक और बड़ा वादा कर दिया। उन्होंने कहा कि अगर महागठबंधन सत्ता में लौटता है तो “माई बहिन योजना” के तहत महिलाओं को एक साल की पूरी किस्त एकमुश्त 30 हजार रुपये सीधे खाते में ट्रांसफर किए जाएंगे। तेजस्वी ने दावा किया कि सरकार बनने के बाद 14 जनवरी के दिन पहली ही फाइल पर साइन कर यह राशि ट्रांसफर करा दी जाएगी।

तेजस्वी यादव ने आगे कहा कि जीविका (कम्युनिटी मोबिलाइजर) को स्थायी करने और उन्हें हर महीने 30 हजार रुपये मानदेय देने का फैसला भी सरकार बनते ही लागू कर दिया जाएगा। किसानों को सिंचाई के लिए बिजली मुफ्त देने का वादा दोहराते हुए उन्होंने कहा कि वर्तमान में 55 पैसा प्रति यूनिट वसूली जाती है, लेकिन महागठबंधन सरकार इसे शून्य कर देगी। साथ ही राज्य के 8463 पैक्स को जनप्रतिनिधि का दर्जा भी देने की बात कही।

नौकरी के मुद्दे पर तेजस्वी ने कहा कि हर परिवार के एक सदस्य को नौकरी देना उनकी प्राथमिकता है। बजट के सवाल पर उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों से सलाह के बाद ही यह घोषणा हुई है। 17 महीने के अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने 5 लाख नौकरियां दी थीं और साढ़े तीन लाख नियुक्तियों की प्रक्रिया शुरू की थी। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि भाजपा वाले इस पर कुछ नहीं बोलते, क्योंकि उन्हें मालूम है कि यह सब संभव है।

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ट्रंप के बयान से फिर बढ़ा विवाद, कांग्रेस ने केंद्र सरकार की विदेश नीति पर उठाए सवाल https://himalayanganesha.com/2025/10/21/trumps-statement-sparks-controversy-congress-questions-central-governments-foreign-policy/ Tue, 21 Oct 2025 07:27:18 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=3838

रूस से तेल आयात पर भारत-अमेरिका के रिश्तों में बढ़ी तनातनी

नई दिल्ली। कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला करते हुए कहा कि भारत के रूस से तेल आयात का मुद्दा अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप लगातार उठा रहे हैं, जिससे मोदी सरकार की विदेश नीति पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पार्टी ने दावा किया कि ट्रंप ने पिछले पांच दिनों में तीन बार इस विषय को सार्वजनिक रूप से उठाया है, जबकि भारत का विदेश मंत्रालय इस तरह की किसी बातचीत से इनकार कर चुका है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा, “पिछले पांच दिनों में राष्ट्रपति ट्रंप तीन बार भारत के रूस से तेल आयात के मुद्दे पर बोल चुके हैं। और यह तो तय है कि बुडापेस्ट में पुतिन से मुलाकात से पहले वे इसे बार-बार दोहराएंगे।”

ट्रंप बोले—मोदी ने रूस से तेल न खरीदने का दिया आश्वासन, भारत ने किया खंडन

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने हाल ही में दावा किया कि उनकी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बातचीत हुई है, जिसमें भारत ने रूस से तेल आयात बंद करने का आश्वासन दिया है। हालांकि, भारत के विदेश मंत्रालय ने ऐसी किसी बातचीत की पुष्टि करने से इनकार कर दिया। इसके जवाब में ट्रंप ने मंत्रालय के खंडन को “गलत” बताते हुए अपनी बात पर अड़े रहे।

ट्रंप की फिर चेतावनी—भारत नहीं मानेगा तो देना होगा भारी शुल्क

सोमवार को एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बात करते हुए ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि भारत रूस से तेल खरीदना बंद नहीं करता, तो उसे भारी आयात शुल्क का सामना करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि भारत को समझना होगा कि वह किस पक्ष में खड़ा है।
उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी उनके “अच्छे दोस्त” हैं और उन्होंने भरोसा दिलाया है कि भारत रूसी तेल नहीं खरीदेगा—हालांकि भारतीय पक्ष ने इस दावे को सिरे से नकार दिया।

रूस को आर्थिक मदद देने का आरोप

अमेरिका का आरोप है कि भारत रूस से कच्चा तेल खरीदकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन को यूक्रेन युद्ध जारी रखने में अप्रत्यक्ष वित्तीय सहायता दे रहा है। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने भारत से आने वाले उत्पादों पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ लगा दिया है, जिससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक तनाव बढ़ गया है।
अब कुल मिलाकर अमेरिका ने भारतीय वस्तुओं पर लगभग 50 प्रतिशत तक शुल्क बढ़ा दिया है।

कांग्रेस ने पूछा—विदेश नीति पर कौन सच बोल रहा है?

कांग्रेस ने केंद्र सरकार से सवाल किया कि आखिर प्रधानमंत्री मोदी और विदेश मंत्रालय की बातों में से किसे सच माना जाए। पार्टी ने कहा कि यदि ट्रंप के बयान सही हैं, तो भारत की विदेश नीति और संवाद की पारदर्शिता पर गंभीर सवाल उठते हैं।

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बिहार NDA में सीट बंटवारे का फार्मूला तैयार, BJP कोटे से चिराग, मांझी और कुशवाहा को साधने की कोशिश https://himalayanganesha.com/2025/08/28/seat-sharing-formula-ready-in-bihar-nda-bjp-trying-to-woo-chirag-manjhi-and-kushwaha-from-its-quota/ https://himalayanganesha.com/2025/08/28/seat-sharing-formula-ready-in-bihar-nda-bjp-trying-to-woo-chirag-manjhi-and-kushwaha-from-its-quota/#respond Thu, 28 Aug 2025 08:50:06 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=2521

पटना/नई दिल्ली: लोकसभा चुनाव 2024 के दौरान एनडीए में चिराग पासवान की वापसी, मांझी और कुशवाहा को दिए गए आश्वासन अब बिहार विधानसभा चुनाव के सीट बंटवारे में भाजपा के सामने चुनौती बनकर खड़े हैं। एनडीए के घटक दलों के बीच सीटों का बंटवारा लगभग तय हो चुका है, लेकिन अंतिम एलान से पहले ‘समझाने का दौर’ चल रहा है।

कोटा तय, सीटें अभी फाइनल नहीं

243 विधानसभा सीटों में से 100 सीटें जदयू को दिए जाने पर सहमति बन चुकी है। जदयू इसे और बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, वहीं भाजपा 100 सीटों पर उसे मनाने की रणनीति में जुटी है। बाकी 143 सीटों का कोटा भाजपा के पास रहेगा, जिसमें से उसे चिराग पासवान की लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास), जीतन राम मांझी की हम-से, और उपेंद्र कुशवाहा की राष्ट्रीय लोक मोर्चा को समायोजित करना है।

जदयू के कोटे से बाहर आ चुके मांझी अब भाजपा कोटे में हैं। ऐसे में भाजपा के लिए अंदरूनी तालमेल बड़ी चुनौती बन चुका है।

मांझी को ‘ताकत’ का भरोसा देकर मनाने की कोशिश

मांझी के बेटे संतोष सुमन ने जून 2023 में महागठबंधन सरकार से इस्तीफा दे दिया था। दिसंबर में जदयू के अंदर बदलाव हुआ और जनवरी 2024 में मांझी फिर से एनडीए में शामिल हुए। अब वे भाजपा के कोटे से सीट चाहते हैं। चूंकि मांझी ने खुद को एनडीए में मजबूती से स्थापित किया है, इसलिए भाजपा उन्हें विधानसभा में उचित प्रतिनिधित्व देने की तैयारी में है।

चिराग पासवान को भाजपा का ‘विशेष सहयोगी’ माना जा रहा है

रामविलास पासवान के निधन के बाद लोजपा दो भागों में बंटी। पारस को तत्काल लाभ मिला, लेकिन भाजपा ने चिराग को लोकसभा चुनाव में प्राथमिकता दी और वह केंद्रीय मंत्री भी बने। चिराग अब विधानसभा चुनाव में 40 सीटें चाहते हैं, परंतु भाजपा के अंदरुनी सूत्रों के अनुसार, 20 से अधिक सीटें देना अभी तय नहीं है। भाजपा चाहती है कि वह जदयू को मजबूरी में सीटें दे, लेकिन अपने कोटे से किसी दल को बहुत ताकतवर न बनाए।

उपेंद्र कुशवाहा को BJP कोटे से सीटें, लेकिन सीमित

कभी नीतीश कुमार के करीबी रहे उपेंद्र कुशवाहा अब भाजपा कोटे से विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। उनकी पार्टी का जनाधार सीमित है, बावजूद इसके वह 10 सीटों की मांग कर रहे हैं। भाजपा उन्हें संतुष्ट करने की कोशिश कर रही है लेकिन बड़ा दांव खेलने को तैयार नहीं।

एनडीए में ‘एकजुटता’ दिखाने की तैयारी

एनडीए के अंदर सीटों के एलान से पहले भाजपा चाहती है कि सभी घटक दलों को अलग-अलग बातचीत के जरिए तैयार किया जाए। जदयू, भाजपा और बाकी सहयोगी दलों के बीच तालमेल के बाद ही सार्वजनिक घोषणा होगी।

NDA की वर्तमान स्थिति

  • BJP: 80 विधायक (2020 में 74, बाद में उपचुनाव और विलय से संख्या बढ़ी)

  • JDU: 45 विधायक (2020 में 43, बाद में कुछ विधायक शामिल हुए और कुछ गए)

  • हम-से (मांझी): 4 विधायक

  • लोजपा (रामविलास): 0 विधायक (लेकिन केंद्र में मजबूत उपस्थिति)

  • राष्ट्रीय लोक मोर्चा (कुशवाहा): 0 विधायक

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