खेल – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com National News Portal Tue, 06 Oct 2026 06:25:10 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.1.3 https://himalayanganesha.com/wp-content/uploads/2025/09/cropped-Screenshot-2025-09-05-114937-32x32.png खेल – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com 32 32 हरमनप्रीत कौर का बड़ा फैसला, छोड़ी भारतीय महिला क्रिकेट टीम की कप्तानी https://himalayanganesha.com/2026/10/06/harmanpreet-kaurs-major-decision-steps-down-as-captain-of-the-indian-womens-cricket-team/ Tue, 06 Oct 2026 06:25:10 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/06/harmanpreet-kaurs-major-decision-steps-down-as-captain-of-the-indian-womens-cricket-team/

हरमनप्रीत कौर ने तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ी

नई दिल्ली। भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विश्व कप विजेता कप्तान हरमनप्रीत कौर ने मंगलवार को बड़ा ऐलान करते हुए टीम की तीनों फॉर्मेट की कप्तानी छोड़ दी। लंबे समय तक टीम की कमान संभालने वाली हरमनप्रीत ने सोशल मीडिया के जरिए अपने फैसले की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि कप्तानी छोड़ने का निर्णय उनके लिए आसान नहीं था, लेकिन अब वह एक खिलाड़ी के तौर पर अपने क्रिकेट सफर को आगे बढ़ाना चाहती हैं।

हरमनप्रीत ने अपने भावुक संदेश में कहा कि कप्तानी के दौरान उन्हें कई यादगार पलों के साथ-साथ मुश्किल दौर, आलोचनाओं और निराशाओं का भी सामना करना पड़ा। उन्होंने भारतीय महिला क्रिकेट और टीम के लिए अपने लंबे सफर को याद करते हुए कहा कि उन्होंने हमेशा टीम को अपनी व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं से ऊपर रखा।

37 साल की उम्र में कप्तानी को कहा अलविदा

हरमनप्रीत कौर ने भारतीय टीम की कप्तानी लंबे समय तक संभाली। उन्होंने पांच टेस्ट, 51 वनडे और 155 टी20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों में टीम का नेतृत्व किया। कप्तान के तौर पर उनका हालिया बड़ा पड़ाव पिछले महीने रहा, जब उन्होंने निशिन में भारतीय टीम को लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स का स्वर्ण पदक दिलाने में अहम भूमिका निभाई।

बीसीसीआई के साथ बैठक के बाद आया फैसला

कप्तानी छोड़ने का यह ऐलान उस अहम बैठक के ठीक एक दिन बाद आया, जिसमें हरमनप्रीत कौर, उपकप्तान स्मृति मंधाना और मुख्य कोच अमोल मजूमदार ने बीसीसीआई सचिव देवजीत सैकिया से मुलाकात की थी। गुवाहाटी में हुई इस बैठक में भारतीय महिला क्रिकेट टीम के भविष्य और आगे की रणनीति को लेकर चर्चा हुई थी।

टीम को रखा हमेशा सबसे आगे

हरमनप्रीत ने कहा कि भारतीय महिला क्रिकेट को आगे बढ़ाने के लिए उन्होंने अपना पूरा योगदान दिया। कई मौकों पर उन्होंने अपने व्यक्तिगत प्रदर्शन, विकास और निजी महत्वाकांक्षाओं से समझौता किया, क्योंकि उनके लिए टीम का हित सबसे महत्वपूर्ण था।

उन्होंने कप्तानी के दौरान लिए गए कठिन फैसलों और उन पर हुई आलोचनाओं का भी जिक्र किया। हरमनप्रीत के मुताबिक, हर फैसला सभी को पसंद आए, यह जरूरी नहीं था, लेकिन उनका उद्देश्य हमेशा टीम को मजबूत बनाना और नई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर देना रहा।

हार, आलोचना से लेकर विश्व कप की ऐतिहासिक जीत तक

भारतीय टीम की कप्तानी करते हुए हरमनप्रीत ने कई उतार-चढ़ाव देखे। उन्होंने मुश्किल हार, निराशा, आलोचना और दबाव का सामना किया तो वहीं जीत, जश्न और देश का प्रतिनिधित्व करने का गौरव भी हासिल किया।

विश्व कप जीत के बाद कप्तानी छोड़ने का उनका फैसला इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने अपने कार्यकाल को एक यादगार उपलब्धि के साथ समाप्त किया है। हरमनप्रीत ने कहा कि अब उन्हें विश्वास है कि भारतीय महिला टीम के पास आगे बढ़ने के लिए प्रतिभा और मजबूत आधार मौजूद है।

‘मुझे लगता है कि मैंने अपनी ड्यूटी पूरी कर दी’

कप्तानी छोड़ने के फैसले को लेकर भावुक हरमनप्रीत ने कहा कि उनके मन में अब भी टीम को लेकर संतोष और विश्वास है। उन्होंने कहा कि उन्होंने इस जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी और गर्व के साथ निभाया और भारतीय महिला क्रिकेट की अगुआई करना उनके लिए बेहद खास अनुभव रहा।

कप्तानी खत्म, लेकिन क्रिकेट का सफर जारी

हरमनप्रीत कौर ने साफ किया कि कप्तानी छोड़ने का मतलब क्रिकेट से दूरी बनाना नहीं है। वह आगे भी भारतीय टीम के लिए खिलाड़ी के तौर पर खेलती रहेंगी। उन्होंने कहा कि अब वह क्रिकेट को एक अलग नजरिए से जीना चाहती हैं और खेल के प्रति अपने प्यार के लिए मैदान पर उतरना चाहती हैं।

हरमनप्रीत ने अपने साथियों, कोचिंग स्टाफ, टीम प्रबंधन, बीसीसीआई, परिवार और प्रशंसकों का आभार जताया। उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि कप्तानी भले ही खत्म हो रही है, लेकिन भारतीय क्रिकेट के लिए उनका प्यार हमेशा कायम रहेगा और उनका क्रिकेट सफर अभी जारी है।

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का आखिरी मुकाबला आज https://himalayanganesha.com/2026/10/03/the-final-match-of-the-three-match-odi-series-between-india-and-west-indies-is-today/ Sat, 03 Oct 2026 05:51:07 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/03/the-final-match-of-the-three-match-odi-series-between-india-and-west-indies-is-today/

क्लीन स्वीप के इरादे से उतरेगी टीम इंडिया

नई दिल्ली। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीन मैचों की वनडे सीरीज में 2-0 की अजेय बढ़त बना चुकी भारतीय टीम अब शनिवार को आखिरी मुकाबले में उतरेगी। कप्तान शुभमन गिल की अगुआई वाली टीम की नजर जहां सीरीज में क्लीन स्वीप पर होगी, वहीं गेंदबाजी विभाग के प्रदर्शन में सुधार पर भी खास ध्यान रहेगा। शुरुआती दोनों मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने जमकर रन बनाए, लेकिन गेंदबाजों को विकेट हासिल करने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

सीरीज के पिछले मुकाबले में 800 से अधिक रन बने थे। बल्लेबाजी के लिए अनुकूल पिच को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। भारतीय मुख्य कोच गौतम गंभीर भी बल्ले और गेंद के बीच बेहतर संतुलन वाली परिस्थितियों की जरूरत पर जोर दे चुके हैं। ऐसे में अंतिम मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों के प्रदर्शन पर खास नजर रहेगी।

पावरप्ले में गेंदबाजों की परीक्षा

भारत ने दोनों मुकाबलों में शुरुआती 10 ओवरों के दौरान केवल एक विकेट हासिल किया है। वहीं दोनों मैचों के पावरप्ले में टीम ने कुल 177 रन खर्च किए। बीच के ओवरों में भी विकेट हासिल करने में परेशानी सामने आई है। कुलदीप यादव को दूसरे गेंदबाजों से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल पाया है।

अनुभवी रवींद्र जडेजा के प्रदर्शन पर भी नजर रहेगी। जडेजा ने पिछले आठ मुकाबलों में केवल तीन विकेट हासिल किए हैं। दूसरी ओर शुभमन गिल बल्ले से लगातार प्रभावी नजर आए हैं। घरेलू वनडे में 2024 से उनका औसत 79.3 का रहा है। मौजूदा सीरीज में वह एक शतक और एक दोहरा शतक लगा चुके हैं। पिछले मैच में उनकी नाबाद 223 रन की पारी की बदौलत भारत ने 406 रन का विशाल लक्ष्य हासिल किया था।

रोहित और विराट पर भी निगाहें

रोहित शर्मा और विराट कोहली ने भी सीरीज में उपयोगी पारियां खेली हैं। हालांकि अब तक भारतीय पारी में केवल चार बल्लेबाजों को ही पर्याप्त मौका मिला है। केएल राहुल, नमन धीर और रवींद्र जडेजा अभी बल्लेबाजी के लिए नहीं उतरे हैं।

गेंदबाजी विभाग में प्रसिद्ध कृष्णा की अनुपस्थिति भारत के लिए एक बदलाव लेकर आई है। बाएं पैर की हैमस्ट्रिंग में खिंचाव के कारण वह तीसरे वनडे से बाहर हो गए हैं। उनकी जगह अंशुल कंबोज को टीम में शामिल किया गया है।

सिराज की हो सकती है वापसी

मोहम्मद सिराज को सीरीज के शुरुआती दोनों मुकाबलों में प्लेइंग इलेवन में जगह नहीं मिली थी। तीसरे वनडे में उनकी वापसी संभव है। श्रीलंका दौरे के बाद सिराज अपनी सर्वश्रेष्ठ लय हासिल करने की कोशिश में हैं और सीमित ओवरों के क्रिकेट में खुद को साबित करने का उनके पास एक और अवसर होगा।

भारतीय वनडे टीम में तेज गेंदबाजों के बीच प्रतिस्पर्धा भी बढ़ रही है। गुरनूर बरार और आकिब नबी जैसे युवा गेंदबाज अपनी दावेदारी मजबूत करने की कोशिश में हैं। वहीं जसप्रीत बुमराह की टीम में जगह मजबूत बनी हुई है। साल के अंत में न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाली पांच मैचों की वनडे सीरीज से पहले युवा तेज गेंदबाजों के लिए यह मुकाबला अहम साबित हो सकता है।

मुल्लांपुर में पहली बार पुरुष वनडे

न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में पहली बार पुरुषों का वनडे मुकाबला खेला जाएगा। भारतीय गेंदबाज उम्मीद करेंगे कि यहां की परिस्थितियां तिरुवनंतपुरम और गुवाहाटी की तुलना में उन्हें कुछ ज्यादा मदद दें।

सीरीज हार चुकी वेस्टइंडीज की टीम के बल्लेबाजों ने अब तक अच्छा प्रदर्शन किया है। जॉन कैंपबेल ने दोनों मैचों में आक्रामक शुरुआत दिलाई है, जबकि कप्तान शाई होप ने पारी को संभालने के साथ सही समय पर रन गति बढ़ाने की जिम्मेदारी निभाई है। टीम को शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज और कीमो पॉल से भी महत्वपूर्ण योगदान की उम्मीद होगी।

कब और कहां खेला जाएगा मुकाबला?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीसरा और अंतिम वनडे शनिवार, 3 अक्टूबर को न्यू चंडीगढ़ के मुल्लांपुर स्थित महाराजा यादविंद्र सिंह अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मुकाबला भारतीय समयानुसार दोपहर 2 बजे शुरू होगा, जबकि टॉस 1:30 बजे होगा।

टीवी और मोबाइल पर ऐसे देखें मैच

तीसरे वनडे का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। मोबाइल पर दर्शक मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग जियो हॉटस्टार पर देख सकेंगे।

भारतीय टीम

रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, गुरनूर बराड़, कुलदीप यादव, अंशुल कंबोज, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, आकिब नबी, ध्रुव जुरेल।

वेस्टइंडीज टीम

जॉन कैंपबेल, ज्वेल एंड्रयू, कीसी कार्टी, शाई होप (विकेटकीपर/कप्तान), अमीर जांगू, शेरफेन रदरफोर्ड, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोटी, अल्जारी जोसेफ, जेडेन सील्स, कीमो पॉल, शमर जोसेफ, विटेल लॉज।

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भारतीय लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने प्रथम श्रेणी क्रिकेट से लिया संन्यास https://himalayanganesha.com/2026/10/02/indian-leg-spinner-yuzvendra-chahal-has-retired-from-first-class-cricket/ Fri, 02 Oct 2026 10:13:40 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/02/indian-leg-spinner-yuzvendra-chahal-has-retired-from-first-class-cricket/

युजवेंद्र चहल ने भावुक संदेश के साथ लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कहा, लेकिन वनडे और टी20 में भारतीय टीम में वापसी की उम्मीद अब भी बरकरार रखी

नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के अनुभवी लेग स्पिनर युजवेंद्र चहल ने शुक्रवार को प्रथम श्रेणी क्रिकेट से संन्यास लेने की घोषणा कर दी। चहल ने सोशल मीडिया पर भावुक पोस्ट साझा करते हुए लाल गेंद के क्रिकेट को अलविदा कहा। हालांकि, उन्होंने साफ किया कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में उनका सफर अभी खत्म नहीं हुआ है। चहल ने वनडे और टी20 क्रिकेट में भारतीय टीम के लिए दोबारा खेलने की अपनी इच्छा भी जाहिर की है।

लाल गेंद से जुड़ी यादों को किया साझा

चहल ने अपने संदेश में बताया कि जब उन्होंने पहली बार क्रिकेट की गेंद पकड़ी थी, तब वह महज 10 साल के थे और वह गेंद लाल रंग की थी। उन्होंने कहा कि प्रथम श्रेणी क्रिकेट उनके लिए केवल एक प्रारूप नहीं रहा, बल्कि इसी खेल ने उन्हें धैर्य रखना, मुश्किल परिस्थितियों का सामना करना और लंबे समय तक मैदान पर डटे रहना सिखाया।

चहल ने कहा कि रेड-बॉल क्रिकेट ने उन्हें जिंदगी की कई यादगार यादें दी हैं। हालांकि टेस्ट क्रिकेट खेलने का उनका सपना पूरा नहीं हो सका, लेकिन प्रथम श्रेणी क्रिकेट में मिले अवसरों के लिए वह खुद को बेहद आभारी मानते हैं।

भारत के लिए टेस्ट खेलने का नहीं मिला मौका

36 वर्षीय चहल ने अपने प्रथम श्रेणी करियर में 49 मुकाबले खेले और 32.27 की औसत से कुल 148 विकेट हासिल किए। इस दौरान उनका सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी प्रदर्शन 6 विकेट पर 25 रन रहा।

हाल ही में चहल इंग्लैंड में नॉर्थम्प्टनशायर की ओर से काउंटी क्रिकेट खेल रहे थे। लॉर्ड्स में मिडलसेक्स के खिलाफ मुकाबला उनका आखिरी प्रथम श्रेणी मैच रहा, जिसमें उन्होंने दो विकेट हासिल किए। 2026-27 सत्र में उन्होंने काउंटी चैंपियनशिप के पांच मैचों में 21 विकेट झटके। डरहम के खिलाफ उनका प्रदर्शन खास रहा, जहां उन्होंने मैच में कुल नौ विकेट अपने नाम किए।

वनडे और टी20 में वापसी की उम्मीद

प्रथम श्रेणी क्रिकेट से विदाई के बावजूद चहल ने अपने अंतरराष्ट्रीय करियर को लेकर उम्मीद नहीं छोड़ी है। उन्होंने कहा कि देश के लिए खेलने की उनकी भूख अब भी पहले जैसी है और उन्हें लगता है कि उनके अंदर अभी काफी क्रिकेट बाकी है।

चहल ने वनडे और टी20 प्रारूप में भारतीय टीम में वापसी के लिए पूरी मेहनत करने की बात कही। उन्होंने हरियाणा क्रिकेट संघ के साथ-साथ रणबीर सिंह महिंद्रा और अनिरुद्ध सिंह चौधरी का भी अपने क्रिकेट सफर में लगातार समर्थन और भरोसा जताने के लिए आभार व्यक्त किया।

इस तरह चहल ने लाल गेंद के क्रिकेट से भले ही दूरी बना ली हो, लेकिन सीमित ओवरों के क्रिकेट में भारतीय टीम में वापसी का लक्ष्य उन्होंने बरकरार रखा है।

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जन्मदिन पर लवलीना ने रचा इतिहास, चीन की मुक्केबाज को 5-0 से हराकर जीता स्वर्ण पदक https://himalayanganesha.com/2026/10/02/lovlina-made-history-on-her-birthday-by-winning-the-gold-medal-defeating-a-chinese-boxer-5-0/ Fri, 02 Oct 2026 06:43:12 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/02/lovlina-made-history-on-her-birthday-by-winning-the-gold-medal-defeating-a-chinese-boxer-5-0/

मैरी कॉम के बाद लवलीना का जलवा, 12 साल बाद भारत को मिला महिला बॉक्सिंग में एशियाड गोल्ड

नई दिल्ली। भारतीय मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन के लिए 2 अक्टूबर का दिन दोहरी खुशियां लेकर आया। अपने 29वें जन्मदिन पर उन्होंने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया। महिलाओं के 75 किलोग्राम भार वर्ग के फाइनल में लवलीना ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ उन्होंने न केवल अपने एशियाई खेलों के पदकों का रंग बदला, बल्कि इस भार वर्ग में भारत को पहली बार स्वर्ण पदक भी दिलाया।

फाइनल में लवलीना का शानदार प्रदर्शन, चीन की मुक्केबाज को नहीं दिया मौका

स्वर्ण पदक के मुकाबले में लवलीना का सामना चीन की बाओ जियी से हुआ। दोनों मुक्केबाजों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। बाओ ने शुरुआत से ही आक्रामक रुख अपनाया, लेकिन लवलीना ने धैर्य और सूझबूझ के साथ उनका सामना किया।

भारतीय मुक्केबाज ने अपनी रणनीति के मुताबिक दूरी बनाए रखी और सही समय पर सटीक पंच लगाए। उन्होंने चीनी मुक्केबाज के आक्रमण से बचते हुए मुकाबले पर अपनी पकड़ मजबूत की। आखिरकार पांचों जजों ने लवलीना के पक्ष में फैसला सुनाया और उन्होंने 5-0 से जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक हासिल कर लिया।

जन्मदिन पर मिला करियर का यादगार तोहफा

2 अक्टूबर 1997 को असम में जन्मीं लवलीना के लिए इस बार जन्मदिन बेहद खास बन गया। 29 साल की उम्र में उन्होंने एशियाई खेलों का पहला स्वर्ण पदक जीतकर अपने करियर में एक और बड़ी उपलब्धि जोड़ ली।

इससे पहले 2022 में आयोजित हांगझोउ एशियाई खेलों में लवलीना ने रजत पदक जीता था। अब 2026 के आइची-नागोया एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतकर उन्होंने अपने पिछले प्रदर्शन को और बेहतर कर लिया है। वह लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज भी बनीं।

75 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को पहली बार मिला स्वर्ण

लवलीना की इस जीत ने भारतीय महिला मुक्केबाजी के इतिहास में नया अध्याय जोड़ दिया है। महिलाओं के 75 किलोग्राम भार वर्ग में भारत को एशियाई खेलों में पहली बार स्वर्ण पदक मिला है।

इससे पहले इस भार वर्ग में भारतीय मुक्केबाजों ने कांस्य और रजत पदक जीते थे। वर्ष 2010 में ग्वांगझू एशियाई खेलों में कविता गोयत ने कांस्य पदक हासिल किया था। इसके बाद 2014 में इंचियोन में पूजा रानी ने कांस्य पदक जीता। 2022 के हांगझोउ एशियाई खेलों में लवलीना ने रजत पदक अपने नाम किया था। अब 2026 में उन्होंने स्वर्ण पदक जीतकर भारत का इंतजार खत्म कर दिया।

महिलाओं के 75 किग्रा वर्ग में भारत के पदक

वर्ष एशियाई खेल खिलाड़ी पदक
2010 ग्वांगझू कविता गोयत कांस्य
2014 इंचियोन पूजा रानी कांस्य
2022 हांगझोउ लवलीना बोरगोहेन रजत
2026 आइची-नागोया लवलीना बोरगोहेन स्वर्ण

मैरी कॉम के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज

लवलीना बोरगोहेन ने एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतकर दिग्गज मुक्केबाज मैरी कॉम के साथ अपना नाम दर्ज करा लिया है। भारत को महिला मुक्केबाजी में पहला एशियाड स्वर्ण पदक 2014 में मैरी कॉम ने दिलाया था। उन्होंने इंचियोन एशियाई खेलों में 51 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण पदक जीता था।

इसके बाद भारतीय महिला मुक्केबाजों को एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक के लिए 12 साल का इंतजार करना पड़ा। लवलीना ने 2026 में 75 किलोग्राम भार वर्ग में स्वर्ण जीतकर इस इंतजार को खत्म किया। वह मैरी कॉम के बाद एशियाई खेलों में स्वर्ण पदक जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

लवलीना की उपलब्धि इसलिए भी खास है, क्योंकि वह एशियाई खेलों में स्वर्ण और रजत दोनों पदक जीतने वाली भारत की पहली महिला मुक्केबाज बन गई हैं। मैरी कॉम ने भी एशियाई खेलों में दो पदक जीते थे, लेकिन उनके खाते में एक स्वर्ण और एक कांस्य पदक है।

सेमीफाइनल में कजाखस्तान की मुक्केबाज को दी थी मात

फाइनल से पहले लवलीना को सेमीफाइनल में कड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था। उनका मुकाबला कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा से हुआ, जो 70 किलोग्राम भार वर्ग की विश्व चैंपियन रह चुकी हैं।

दोनों के बीच कांटे की टक्कर देखने को मिली। शुरुआती दौर में संघर्ष करने के बाद लवलीना ने शानदार वापसी की और मुकाबले के अंतिम चरण में आक्रामक रुख अपनाया। उन्होंने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज कर फाइनल में जगह बनाई।

सेमीफाइनल में जीत के साथ ही लवलीना लगातार दो एशियाई खेलों के फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई थीं। इसके बाद उन्होंने फाइनल में भी अपने अनुभव का इस्तेमाल करते हुए चीन की बाओ जियी को हराकर स्वर्ण पदक जीत लिया।

ओलंपिक पदक से विश्व चैंपियन बनने तक का सफर

लवलीना ने अपने करियर में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने 2018 और 2019 की विश्व मुक्केबाजी चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीते। इसके बाद टोक्यो ओलंपिक 2020 में महिलाओं के 69 किलोग्राम भार वर्ग में कांस्य पदक हासिल कर देश का नाम रोशन किया।

इस उपलब्धि के साथ वह ओलंपिक पदक जीतने वाली भारत की तीसरी मुक्केबाज और मैरी कॉम के बाद दूसरी भारतीय महिला मुक्केबाज बनीं।

इसके बाद लवलीना ने 75 किलोग्राम भार वर्ग में अपना प्रदर्शन जारी रखा। वर्ष 2022 की एशियाई मुक्केबाजी चैंपियनशिप में उन्होंने स्वर्ण पदक जीता। 2023 की विश्व चैंपियनशिप में भी वह स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहीं। इसी वर्ष हांगझोउ एशियाई खेलों में उन्होंने रजत पदक हासिल किया। 2026 के राष्ट्रमंडल खेलों में भी उनके खाते में रजत पदक आया।

लवलीना बोरगोहेन की प्रमुख उपलब्धियां

प्रतियोगिता वर्ष पदक भार वर्ग
विश्व चैंपियनशिप 2018 कांस्य 69 किग्रा
विश्व चैंपियनशिप 2019 कांस्य 69 किग्रा
टोक्यो ओलंपिक 2020 कांस्य 69 किग्रा
एशियाई चैंपियनशिप 2021 कांस्य वेल्टरवेट
एशियाई चैंपियनशिप 2022 स्वर्ण 75 किग्रा
एशियाई खेल 2022 रजत 75 किग्रा
विश्व चैंपियनशिप 2023 स्वर्ण 75 किग्रा
राष्ट्रमंडल खेल 2026 रजत 75 किग्रा
एशियाई खेल 2026 स्वर्ण 75 किग्रा

लवलीना को वर्ष 2020 में अर्जुन पुरस्कार और 2021 में मेजर ध्यानचंद खेल रत्न पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। वर्ष 2022 में उन्हें असम पुलिस में पुलिस उपाधीक्षक (डीएसपी) नियुक्त किया गया।

भारत की पदक तालिका में जुड़ा 12वां स्वर्ण

लवलीना के स्वर्ण पदक जीतने के साथ ही एशियाई खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या 12 हो गई है। भारत ने अब तक कुल 70 पदक अपने नाम किए हैं, जिनमें 12 स्वर्ण, 24 रजत और 34 कांस्य पदक शामिल हैं।

पदक तालिका में भारत सातवें स्थान पर है। भारतीय खिलाड़ियों ने तीरंदाजी, निशानेबाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी और क्रिकेट समेत विभिन्न खेलों में पदक हासिल किए हैं। लवलीना के स्वर्ण ने भारतीय दल के पदकों की संख्या में एक और इजाफा किया है।

]]> एशियन गेम्स 2026- भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने श्रीलंका को 124 रनों से हराकर फाइनल में बनाई जगह https://himalayanganesha.com/2026/10/01/asian-games-2026-indian-mens-cricket-team-secures-a-spot-in-the-final-by-defeating-sri-lanka-by-124-runs/ Thu, 01 Oct 2026 08:28:57 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/10/01/asian-games-2026-indian-mens-cricket-team-secures-a-spot-in-the-final-by-defeating-sri-lanka-by-124-runs/

फाइनल मुकाबले में भारत और पाकिस्तान की टक्कर

नई दिल्ली। भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने एशियाई खेलों के सेमीफाइनल में श्रीलंका के खिलाफ एकतरफा मुकाबले में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने श्रीलंका को 124 रन से हराकर फाइनल में प्रवेश कर लिया है। भारत की ओर से दिए गए 170 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए श्रीलंकाई टीम महज 45 रन पर ढेर हो गई। अब तीन अक्तूबर को स्वर्ण पदक के मुकाबले में भारतीय टीम का सामना साहिबजादा फरहान की कप्तानी वाली पाकिस्तान टीम से होगा।

124 रन की यह जीत श्रीलंका के खिलाफ रनों के अंतर से भारत की अब तक की सबसे बड़ी जीत है। इससे पहले भारत ने 2017 में कटक में श्रीलंका को 93 रन से हराया था। एशियाई खेलों की बात करें तो हांगझोउ में 2023 में ऋतुराज गायकवाड़ की कप्तानी में भारतीय पुरुष टीम ने स्वर्ण पदक जीता था। अब टीम की नजर लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक हासिल करने पर है। भारतीय महिला टीम पहले ही लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक अपने नाम कर चुकी है।

ईशान और वैभव ने संभाली भारतीय पारी

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 169 रन बनाए। भारत की पारी में ईशान किशन और वैभव सूर्यवंशी ने अहम योगदान दिया। वैभव ने महज 21 गेंदों पर छह चौकों और दो छक्कों की मदद से 38 रन बनाए। वहीं ईशान किशन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 46 गेंदों पर चार चौकों और पांच छक्कों की मदद से नाबाद 80 रन की पारी खेली।

कप्तान श्रेयस अय्यर ने 13 रन बनाए। अभिषेक शर्मा सात, संजू सैमसन सात, अक्षर पटेल आठ, तिलक वर्मा दो और शिवम दुबे तीन रन बनाकर पवेलियन लौटे। वॉशिंगटन सुंदर सात रन बनाकर नाबाद रहे।

श्रीलंका की ओर से थारिंदु रत्नायके और कप्तान सहान अराचिगे ने दो-दो विकेट लिए। वानुजा सहान, लसिथ क्रूसपूले और नुवानिदु फर्नांडो को एक-एक सफलता मिली।

श्रीलंका की बल्लेबाजी पूरी तरह फ्लॉप

170 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंका की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी। टीम के छह बल्लेबाज अपना खाता भी नहीं खोल सके। नुवानिदु फर्नांडो 15 रन बनाकर टीम के शीर्ष स्कोरर रहे। सिनेथ जयवर्धने, लसिथ क्रूसपूले, सोहन डी लिवेरा, अशेन बंडारा और बिनुरा फर्नांडो बिना रन बनाए आउट हुए।

कप्तान सहान अराचिगे ने नौ रन, चमिका करुणारत्ने ने चार, वानुजा सहान ने एक और थारिंदु रत्नायके ने पांच रन बनाए। श्रीलंका की पूरी टीम 9.5 ओवर में सिर्फ 45 रन पर सिमट गई।

भारत की ओर से जसप्रीत बुमराह, अक्षर पटेल और अभिषेक शर्मा ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि वॉशिंगटन सुंदर को एक विकेट मिला। श्रीलंका के तीन खिलाड़ी रन आउट हुए।

पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में बनाई जगह

दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान ने बांग्लादेश को हराकर फाइनल में प्रवेश किया। बारिश के कारण यह मुकाबला 13-13 ओवर का कर दिया गया था। पाकिस्तान के कप्तान साहिबजादा फरहान ने टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी चुनी।

पहले बल्लेबाजी करते हुए बांग्लादेश ने 13 ओवर में सात विकेट खोकर 111 रन बनाए। पाकिस्तान ने 112 रन का लक्ष्य 11.3 ओवर में हासिल कर लिया। हसन नवाज ने 22 गेंदों पर 27 रन और अब्दुल समद ने 15 गेंदों पर नाबाद 30 रन बनाए। दोनों ने 32 गेंदों में नाबाद 59 रन की साझेदारी कर पाकिस्तान को जीत दिलाई।

अब एशियाई खेलों के पुरुष क्रिकेट के स्वर्ण पदक के लिए भारत और पाकिस्तान आमने-सामने होंगे।

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भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला आज https://himalayanganesha.com/2026/09/30/the-second-match-of-the-three-match-odi-series-between-india-and-west-indies-is-today/ Wed, 30 Sep 2026 06:32:10 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/30/the-second-match-of-the-three-match-odi-series-between-india-and-west-indies-is-today/

कब और कहां देखें भारत-वेस्टइंडीज का मुकाबला?

नई दिल्ली। भारत और वेस्टइंडीज के बीच तीन मैचों की वनडे सीरीज का दूसरा मुकाबला बुधवार को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। पहले वनडे में आठ विकेट से शानदार जीत दर्ज करने के बाद भारतीय टीम की निगाहें अब सीरीज अपने नाम करने पर टिकी हैं। शुभमन गिल की कप्तानी में भारतीय खिलाड़ी एक बार फिर जीत के इरादे से मैदान पर उतरेंगे। वहीं, अनुभवी बल्लेबाज विराट कोहली और रोहित शर्मा के प्रदर्शन पर भी क्रिकेट प्रशंसकों की खास नजर रहेगी।

मुकाबले की शुरुआत भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे होगी, जबकि टॉस दोपहर 1:30 बजे किया जाएगा। भारतीय टीम ने सीरीज के पहले मुकाबले में दमदार प्रदर्शन करते हुए वेस्टइंडीज को आठ विकेट से हराया था। तिरुवनंतपुरम में खेले गए इस मैच में भारत ने 297 रनों का लक्ष्य आसानी से हासिल कर लिया था। विराट कोहली ने शानदार बल्लेबाजी की, जबकि कप्तान शुभमन गिल ने भी शतकीय पारी खेलकर टीम की जीत में अहम योगदान दिया। गेंदबाजी में कुलदीप यादव ने चार विकेट लेकर वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी को झकझोर दिया था।

गुवाहाटी में कोहली और रोहित का शानदार रिकॉर्ड

बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम भारतीय टीम के लिए अब तक भाग्यशाली साबित हुआ है। यहां खेले गए दोनों वनडे मुकाबलों में भारत ने जीत दर्ज की है। खास बात यह है कि विराट कोहली ने इस मैदान पर खेले गए दोनों मैचों में शतक लगाए हैं। वहीं, रोहित शर्मा के नाम भी यहां एक शतक और एक अर्धशतक दर्ज है।

ऐसे में दूसरे वनडे में भी इन दोनों अनुभवी बल्लेबाजों से बड़ी पारियों की उम्मीद की जा रही है। भारत के पास सीरीज जीतने का मौका है और टीम के प्रमुख बल्लेबाजों का प्रदर्शन इसमें निर्णायक साबित हो सकता है।

वेस्टइंडीज को लगा झटका, जस्टिन ग्रीव्स दूसरे वनडे से बाहर

दूसरे वनडे से पहले वेस्टइंडीज की टीम को बड़ा झटका लगा है। टीम के ऑलराउंडर जस्टिन ग्रीव्स चोट के कारण मुकाबले से बाहर हो गए हैं। क्रिकेट वेस्टइंडीज ने मंगलवार को इसकी पुष्टि की। पहले वनडे में शतक लगाने के दौरान ग्रीव्स की पिंडली में चोट लग गई थी।

ग्रीव्स ने पहले मुकाबले में शानदार बल्लेबाजी करते हुए 108 गेंदों में 101 रन बनाए थे। उन्होंने जॉन कैंपबेल के साथ पहले विकेट के लिए 19 ओवर में 135 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दिलाई थी। कैंपबेल ने भी 60 गेंदों में 62 रन की पारी खेली थी। ऐसे में ग्रीव्स की गैरमौजूदगी वेस्टइंडीज की बल्लेबाजी और ऑलराउंड प्रदर्शन को प्रभावित कर सकती है।

भारत का पलड़ा भारी, पिछले पांच मुकाबलों में लगातार जीत

भारत और वेस्टइंडीज के बीच अब तक कुल 143 वनडे मुकाबले खेले गए हैं। इनमें भारतीय टीम ने 73 मैचों में जीत दर्ज की है, जबकि वेस्टइंडीज को 64 मुकाबलों में सफलता मिली है। दो मैच ड्रॉ रहे और चार मुकाबले बेनतीजा समाप्त हुए।

दोनों टीमों के बीच खेले गए पिछले पांच वनडे मुकाबलों में भारतीय टीम ने लगातार जीत हासिल की है। इस आंकड़े के साथ टीम इंडिया दूसरे वनडे में भी जीत की दावेदार के रूप में मैदान पर उतरेगी।

बल्लेबाजों के लिए मददगार है गुवाहाटी की पिच

गुवाहाटी के बरसापारा स्टेडियम में अब तक दो वनडे मुकाबले खेले गए हैं और दोनों ही मैचों में बल्लेबाजों का दबदबा देखने को मिला है। यहां खेले गए मुकाबलों में बड़े स्कोर बने हैं, जिससे दूसरे वनडे में भी रनों की बारिश होने की संभावना है।

इस मैदान पर 2018 में भारत और वेस्टइंडीज के बीच पहला वनडे खेला गया था। वेस्टइंडीज ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 322 रन बनाए थे। जवाब में रोहित शर्मा और विराट कोहली के शतकों की बदौलत भारतीय टीम ने लक्ष्य हासिल कर लिया था।

इसके बाद भारत और श्रीलंका के बीच खेले गए वनडे मुकाबले में भारतीय टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 367 रन बनाए थे और 67 रनों से जीत दर्ज की थी। गुवाहाटी में वनडे का औसत स्कोर लगभग 348 रन है। ऐसे में दोनों टीमों के गेंदबाजों के सामने रनों पर अंकुश लगाने की चुनौती होगी।

कब और कहां देखें भारत-वेस्टइंडीज का मुकाबला?

भारत और वेस्टइंडीज के बीच दूसरा वनडे मुकाबला बुधवार को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में खेला जाएगा। मैच भारतीय समयानुसार दोपहर दो बजे शुरू होगा और टॉस 1:30 बजे होगा।

मैच का सीधा प्रसारण स्टार स्पोर्ट्स नेटवर्क पर किया जाएगा। वहीं, दर्शक जियोहॉटस्टार पर मुकाबले की लाइव स्ट्रीमिंग देख सकेंगे। इसके अलावा मैच का प्रसारण दूरदर्शन के डीडी स्पोर्ट्स पर भी किया जाएगा।

भारत और वेस्टइंडीज की संभावित टीम

भारतीय टीम: रोहित शर्मा, शुभमन गिल (कप्तान), विराट कोहली, रुतुराज गायकवाड़, केएल राहुल (विकेटकीपर), नमन धीर, रवींद्र जडेजा, नितीश कुमार रेड्डी, गुरनूर बरार, कुलदीप यादव, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, यशस्वी जायसवाल, आकिब नबी और ध्रुव जुरेल।

वेस्टइंडीज टीम: जॉन कैंपबेल, जस्टिन ग्रीव्स, कीसी कार्टी, शाई होप (कप्तान एवं विकेटकीपर), अमीर जांगू, ज्वेल एंड्रयू, रोस्टन चेज, मैथ्यू फोर्ड, गुडाकेश मोती, अल्जारी जोसेफ, जेडन सील्स, कीमो पॉल, शेरफेन रदरफोर्ड, शामार जोसेफ और विटेल लॉज।

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एशियन गेम्स 2026- नीरू ढांडा ने रचा इतिहास, महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में जीता स्वर्ण पदक https://himalayanganesha.com/2026/09/29/asian-games-2026-neeru-dhanda-creates-history-wins-gold-medal-in-the-womens-individual-shotgun-trap-event/ Tue, 29 Sep 2026 06:17:35 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/29/asian-games-2026-neeru-dhanda-creates-history-wins-gold-medal-in-the-womens-individual-shotgun-trap-event/

28 अंक के साथ बनाया नया एशियन रिकॉर्ड

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय निशानेबाजी ने एक और बड़ी उपलब्धि अपने नाम कर ली है। नीरू ढांडा ने महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीतकर इतिहास रच दिया। नीरू इस स्पर्धा में भारत के लिए पदक जीतने वाली पहली महिला निशानेबाज बन गई हैं। फाइनल में उन्होंने 30 में से 28 निशाने सटीक लगाए। चीन की सुन युनोंग ने 26 अंक के साथ रजत पदक हासिल किया।

नीरू की इस जीत के साथ ही भारत का इस स्पर्धा में 36 साल पुराना इंतजार भी समाप्त हो गया। खास बात यह रही कि भारत को इस इवेंट में पहला पदक कांस्य या रजत के रूप में नहीं, बल्कि सीधे स्वर्ण पदक के रूप में मिला। इसके अलावा नीरू ने शानदार प्रदर्शन के दम पर एशियन रिकॉर्ड भी अपने नाम कर लिया।

28 अंक के साथ बनाया नया एशियन रिकॉर्ड

फाइनल में 28 अंक हासिल करना नीरू की जीत को और खास बनाता है। महिलाओं की ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा में इससे पहले एशियन रिकॉर्ड 24 अंक का था। यह रिकॉर्ड चीनी ताइपे की वान यू लियू ने 19 जनवरी 2026 को बनाया था। नीरू ने 28 अंक के साथ पुराने रिकॉर्ड में चार अंकों का सुधार करते हुए नया एशियन रिकॉर्ड कायम किया।

1990 से भारत को था पदक का इंतजार

महिलाओं की शॉटगन ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा को पहली बार 1990 के बीजिंग एशियन गेम्स में शामिल किया गया था। इसके बाद चीन, जापान, उत्तर कोरिया, दक्षिण कोरिया, थाईलैंड और लेबनान के खिलाड़ी इस स्पर्धा में पदक जीतते रहे, लेकिन भारतीय निशानेबाज पोडियम तक नहीं पहुंच सके।

2022 के हांगझोऊ एशियन गेम्स तक भारत इस इवेंट में पदक के लिए तरसता रहा। अब आइची-नागोया एशियन गेम्स में नीरू ढांडा ने इस लंबे इंतजार को खत्म कर दिया है।

महिला ट्रैप व्यक्तिगत स्पर्धा का एशियन गेम्स इतिहास

एशियन गेम्स स्वर्ण रजत कांस्य
1990 बीजिंग वांग युजिन (चीन) मिवाको इवाओ (जापान) री ह्ये-ग्योंग (उत्तर कोरिया)
2002 बुसान गाओ ई (चीन) पाक योंग-हुई (उत्तर कोरिया) री ह्ये-ग्योंग (उत्तर कोरिया)
2006 दोहा चेन ली (चीन) झू मेई (चीन) लिन यी-चुन (चीनी ताइपे)
2010 ग्वांगझोऊ युकी नाकायामा (जापान) गाओ ई (चीन) लियू यिंगजी (चीन)
2014 इंचियोन झू जिंग्यू (चीन) युकी नाकायामा (जापान) चट्टाया किचारोएन (थाईलैंड)
2018 जकार्ता-पालेमबांग झांग शिनछ्यू (चीन) कांग जी-उन (दक्षिण कोरिया) रे बासिल (लेबनान)
2022 हांगझोऊ झांग शिनछ्यू (चीन) वू कुइकुई (चीन) मारिया दिमित्रिएन्को (कजाकिस्तान)
2026 आइची-नागोया नीरू ढांडा (भारत) सुन युनोंग (चीन) हजर अब्दुलमलिक (कुवैत)

आइची-नागोया में भारत का पहला व्यक्तिगत स्वर्ण

नीरू का स्वर्ण पदक इस एशियाड में भारत के लिए एक और वजह से महत्वपूर्ण है। यह व्यक्तिगत स्पर्धा में देश का पहला स्वर्ण है। इससे पहले भारत के खाते में चार स्वर्ण पदक टीम या मिश्रित टीम स्पर्धाओं से आए थे।

महिला क्रिकेट टीम, पुरुष कबड्डी टीम, महिला कबड्डी टीम और शूटिंग की 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम ने भारत को स्वर्ण दिलाया था। अब नीरू ढांडा ने व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारत का खाता खोल दिया है।

एक प्रदर्शन और तीन बड़ी उपलब्धियां

नीरू ढांडा ने 30 में 28 निशाने लगाकर सिर्फ स्वर्ण पदक ही नहीं जीता, बल्कि भारत को इस स्पर्धा का पहला एशियन गेम्स पदक भी दिलाया। साथ ही उन्होंने नया एशियन रिकॉर्ड कायम किया और व्यक्तिगत स्पर्धा में भारत के लिए आइची-नागोया एशियाड का पहला स्वर्ण पदक हासिल किया।

36 साल के इंतजार के बाद महिला ट्रैप के पदक विजेताओं की सूची में भारत का नाम जुड़ा और इस ऐतिहासिक उपलब्धि के साथ नीरू ढांडा का नाम दर्ज हो गया।

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एशियन गेम्स 2026- भारत-अफगानिस्तान क्वार्टर फाइनल रद्द, सेमीफाइनल में पहुंचा भारत https://himalayanganesha.com/2026/09/28/asian-games-2026-india-vs-afghanistan-quarter-final-cancelled-india-advances-to-semi-finals/ Mon, 28 Sep 2026 05:49:11 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/28/asian-games-2026-india-vs-afghanistan-quarter-final-cancelled-india-advances-to-semi-finals/

एक अक्टूबर को खेले जाएंगे सेमीफाइनल मुकाबले

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम ने बिना मैदान पर उतरे ही सेमीफाइनल में अपनी जगह पक्की कर ली है। भारत और अफगानिस्तान के बीच खेला जाने वाला क्वार्टर फाइनल मुकाबला बारिश और मैदान गीला होने के कारण रद्द कर दिया गया। मैच में टॉस तक नहीं हो सका। आईसीसी टी20 रैंकिंग में बेहतर स्थान पर होने के कारण भारतीय टीम को अगले दौर में प्रवेश मिल गया। अब भारत की नजरें सेमीफाइनल में जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक की ओर कदम बढ़ाने पर होंगी।

बारिश के कारण नहीं हो सका भारत-अफगानिस्तान का मुकाबला

भारत और अफगानिस्तान के बीच क्वार्टर फाइनल मुकाबला निशिन के कोरोगी स्पोर्ट्स पार्क में खेला जाना था। हालांकि, सुबह से लगातार हो रही बारिश के कारण मैदान की स्थिति खराब हो गई। पूरे मैदान को कवर्स से ढका गया था। दोनों टीमें स्टेडियम पहुंचीं, तब बारिश थम चुकी थी, लेकिन आसमान में घने बादल छाए हुए थे। मैदान की स्थिति मैच कराने के अनुकूल नहीं होने के कारण अधिकारियों ने मुकाबला रद्द करने का फैसला लिया।

मैदान गीला होने के कारण खेल शुरू कराने की कोई संभावना नहीं बची थी। निर्धारित समय में मुकाबले को छोटा करके कराने का विकल्प भी व्यावहारिक नहीं रह गया था। इससे पहले इसी मैदान पर पाकिस्तान और हॉन्गकॉन्ग के बीच खेला जाने वाला क्वार्टर फाइनल भी बारिश के चलते बिना टॉस के रद्द हो चुका था।

आईसीसी रैंकिंग के आधार पर सेमीफाइनल में पहुंचा भारत

एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट मुकाबलों में नॉकआउट चरण के लिए रिजर्व डे की व्यवस्था नहीं की गई है। ऐसे में बारिश के कारण क्वार्टर फाइनल का परिणाम नहीं निकलने पर बेहतर आईसीसी टी20 रैंकिंग वाली टीम को अगले दौर में पहुंचाने का नियम है।

भारत इस समय आईसीसी टी20 रैंकिंग में पहले स्थान पर है, जबकि अफगानिस्तान की टीम 10वें पायदान पर है। इसी अंतर के चलते मुकाबला रद्द होने के बाद भारतीय टीम को सेमीफाइनल में प्रवेश मिल गया। इस तरह भारतीय खिलाड़ियों को बिना कोई गेंद खेले ही अंतिम चार में जगह मिल गई।

स्वर्ण पदक बचाने की चुनौती बरकरार

भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम एशियन गेम्स की मौजूदा चैंपियन है। वर्ष 2023 में हांगझोउ में आयोजित एशियन गेम्स में भी भारत ने अफगानिस्तान को हराकर स्वर्ण पदक जीता था। उस समय दोनों टीमों के बीच फाइनल मुकाबला बारिश के कारण पूरा नहीं हो पाया था और बेहतर सीडिंग के आधार पर भारत को विजेता घोषित किया गया था।

अब 2026 के एशियन गेम्स में भी भारतीय टीम का सामना अफगानिस्तान से बारिश के कारण नहीं हो सका। हालांकि, भारत का स्वर्ण पदक बचाने का अभियान जारी है। सेमीफाइनल में भारतीय टीम का मुकाबला श्रीलंका और नेपाल के बीच 29 सितंबर को होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा।

एक अक्टूबर को खेले जाएंगे सेमीफाइनल मुकाबले

एशियन गेम्स 2026 के पुरुष क्रिकेट के दोनों सेमीफाइनल मुकाबले एक अक्टूबर को खेले जाएंगे। दूसरे सेमीफाइनल में पाकिस्तान का सामना बांग्लादेश और मलयेशिया के बीच होने वाले क्वार्टर फाइनल के विजेता से होगा। सेमीफाइनल में जीतने वाली दोनों टीमें स्वर्ण पदक के लिए भिड़ेंगी, जबकि हारने वाली टीमों के बीच कांस्य पदक का मुकाबला खेला जाएगा।

बारिश ने खत्म किया अफगानिस्तान का सफर

अफगानिस्तान की टीम ने ग्रुप चरण में अपने प्रदर्शन के दम पर क्वार्टर फाइनल में जगह बनाई थी। हालांकि, भारत के खिलाफ अहम मुकाबला बारिश की भेंट चढ़ने से उसका एशियन गेम्स में सफर समाप्त हो गया। इस तरह भारतीय टीम ने नियमों के आधार पर सेमीफाइनल में प्रवेश कर लिया, जबकि अफगानिस्तान को बिना मुकाबला खेले ही टूर्नामेंट से बाहर होना पड़ा।

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एशियन गेम्स में भारतीय महिला कबड्डी टीम का जलवा, ईरान को हराकर जीता स्वर्ण पदक https://himalayanganesha.com/2026/09/26/indian-womens-kabaddi-team-shines-at-the-asian-games-wins-gold-medal-by-defeating-iran/ Sat, 26 Sep 2026 05:43:24 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/26/indian-womens-kabaddi-team-shines-at-the-asian-games-wins-gold-medal-by-defeating-iran/

आखिरी मिनटों में पलटा खेल, ईरान को 37-34 से हराकर भारत बना कबड्डी चैंपियन

नई दिल्ली। भारतीय महिला कबड्डी टीम ने एशियन गेम्स में एक बार फिर अपना दबदबा कायम करते हुए लगातार दूसरी बार स्वर्ण पदक पर कब्जा कर लिया। रोमांचक फाइनल मुकाबले में भारत ने ईरान को 37-34 से हराकर स्वर्ण पदक अपने नाम किया। मुकाबले में एक समय ईरान ने भारतीय टीम पर दबाव बनाया, लेकिन आखिरी दौर में भारत ने शानदार वापसी करते हुए मैच अपने पक्ष में कर लिया।

भारतीय टीम ने इससे पहले हांग्झू एशियन गेम्स में भी स्वर्ण पदक जीता था। इस जीत के साथ भारत ने अपने खिताब का सफलतापूर्वक बचाव किया। भारत और ईरान के बीच एशियन गेम्स के फाइनल में यह तीसरी भिड़ंत थी, जिसमें भारतीय टीम ने दूसरी बार जीत दर्ज की। पूरे टूर्नामेंट में भारत का प्रदर्शन शानदार रहा और टीम अजेय रहते हुए चैंपियन बनी।

शुरुआत से ही रहा कड़ा मुकाबला

फाइनल में दोनों टीमों ने शुरुआत से ही एक-दूसरे को कड़ी टक्कर दी। शुरुआती मिनटों में स्कोर काफी करीबी रहा, लेकिन भारतीय खिलाड़ियों ने धीरे-धीरे अपनी पकड़ मजबूत करनी शुरू कर दी। भारत के रेडर्स के साथ डिफेंस ने भी अहम मौकों पर अंक जुटाए और टीम ने पहले हाफ में बढ़त हासिल कर ली।

मुकाबले के दौरान ईरान ने कई बार भारत की बढ़त को कम किया, लेकिन भारतीय टीम ने दबाव में भी संयम बनाए रखा। ईरानी डिफेंस की एक गलती का भारत ने फायदा उठाया और ऑलआउट करते हुए 13-10 की बढ़त हासिल कर ली।

पहले हाफ में भारत ने बनाई 22-16 की बढ़त

पहले हाफ के आखिरी हिस्से में भारतीय टीम ने लगातार अंक जुटाकर अपनी स्थिति मजबूत की। ईरान ने अंतर कम करने की कोशिश की, लेकिन भारत की डिफेंस लाइन ने उसे ज्यादा मौके नहीं दिए। हाफ टाइम तक भारत ने 22-16 की बढ़त बना ली।

दूसरे हाफ में ईरान ने बढ़ाया दबाव

दूसरे हाफ में ईरान ने आक्रामक रुख अपनाया और भारतीय खिलाड़ियों पर दबाव बढ़ा दिया। ईरानी टीम ने अंतर कम करते हुए मुकाबले को रोमांचक बना दिया। एक समय भारतीय टीम की बढ़त बेहद कम रह गई और ईरान ने भारत को ऑलआउट भी किया।

हालांकि, इसके बाद भारतीय टीम ने शानदार तरीके से वापसी की। डिफेंस में मजबूत खेल दिखाते हुए भारत ने लगातार अहम अंक हासिल किए और मुकाबले पर दोबारा पकड़ बना ली। आखिरी पांच मिनट में भारतीय खिलाड़ियों ने आक्रामक खेल जारी रखा और ईरान को लगातार दबाव में रखा।

ग्रुप चरण में भी ईरान को हराया था

भारतीय महिला कबड्डी टीम का सामना एशियन गेम्स के ग्रुप चरण में भी ईरान से हुआ था। उस मुकाबले में भारत ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ईरान को 37-23 से शिकस्त दी थी। फाइनल में भी भारतीय टीम ने जीत दर्ज कर स्वर्ण पदक अपने नाम किया और पूरे टूर्नामेंट में अपना अजेय अभियान जारी रखा।

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एशियन गेम्स 2026- कमलजीत-सुरुचि की जोड़ी ने शूटिंग में भारत को दिलाया स्वर्ण पदक https://himalayanganesha.com/2026/09/25/asian-games-2026-kamaljeet-and-suruchis-duo-wins-gold-medal-for-india-in-shooting/ Fri, 25 Sep 2026 07:17:39 +0000 https://himalayanganesha.com/2026/09/25/asian-games-2026-kamaljeet-and-suruchis-duo-wins-gold-medal-for-india-in-shooting/

10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह ने 484.6 अंक के साथ जीता स्वर्ण

नई दिल्ली। एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में भारत के स्वर्ण पदक का इंतजार खत्म हो गया है। कमलजीत और सुरुचि इंदर सिंह की भारतीय जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया। इस जीत के साथ भारत ने शूटिंग में अब तक कुल 10 पदक अपने नाम कर लिए हैं।

भारत को शूटिंग में इसी दिन एक और पदक मिला। 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन पुरुष टीम स्पर्धा में ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल की तिकड़ी ने रजत पदक जीता। इस तरह शूटिंग में भारत के खाते में एक स्वर्ण और एक रजत समेत दो पदक आए।

भारत ने बनाया नया एशियन रिकॉर्ड

10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम के फाइनल में भारत ने 484.6 अंक हासिल कर शीर्ष स्थान पर रहते हुए स्वर्ण पदक जीता। दक्षिण कोरिया ने 478.0 अंक के साथ रजत और ईरान ने 415.8 अंक के साथ कांस्य पदक जीता। इंडोनेशिया 349.4 अंक के साथ चौथे स्थान पर रहा।

भारत का 484.6 अंक का स्कोर नया एशियन रिकॉर्ड भी है। इससे पहले यह रिकॉर्ड उज्बेकिस्तान के नाम था, जिसने इसी साल फरवरी में 481.3 अंक हासिल किए थे। अब कमलजीत और सुरुचि की जोड़ी ने इस रिकॉर्ड को अपने नाम कर लिया है।

क्वालिफिकेशन में भी बनाया था रिकॉर्ड

कमलजीत और सुरुचि ने क्वालिफिकेशन दौर में भी शानदार प्रदर्शन किया था। भारतीय जोड़ी ने 587-29x का स्कोर करते हुए पहला स्थान हासिल किया और एशियन क्वालिफिकेशन रिकॉर्ड बनाया। ईरान 584-17x के साथ दूसरे, दक्षिण कोरिया 582-23x के साथ तीसरे और इंडोनेशिया 580-30x के साथ चौथे स्थान पर रहा।

शीर्ष चार टीमों ने फाइनल के लिए क्वालिफाई किया। चीन और वियतनाम की जोड़ियां फाइनल में जगह नहीं बना सकीं।

ऐसे जीता भारत ने स्वर्ण

फाइनल में भारत, इंडोनेशिया, ईरान और दक्षिण कोरिया की टीमें आमने-सामने थीं। शुरुआत में पांच-पांच शॉट की तीन सीरीज हुईं और 15 शॉट के बाद भारत शीर्ष पर बना रहा। इसके बाद हर दो शॉट के बाद एलिमिनेशन शुरू हुआ।

17वें शॉट के बाद इंडोनेशिया की टीम बाहर हो गई, जिससे भारत का पदक पक्का हो गया। इसके बाद 19वें शॉट के बाद ईरान के बाहर होने से भारत का कम से कम रजत पदक तय हो गया। हालांकि, कमलजीत और सुरुचि ने पूरे फाइनल में अपनी बढ़त बनाए रखी और भारत को दूसरे स्थान पर आने का मौका ही नहीं दिया।

21वें शॉट के बाद भारतीय जोड़ी ने 484.6 अंक के साथ एशियन रिकॉर्ड तोड़ दिया और स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।

शूटिंग में भारत के अब तक 10 पदक

भारत ने एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में अब तक एक स्वर्ण, पांच रजत और चार कांस्य समेत कुल 10 पदक जीते हैं। इनमें कमलजीत और सुरुचि का 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्वर्ण, जबकि ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, नीरज कुमार और रुद्रांक्ष पाटिल का 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशन टीम रजत भी शामिल है।

शूटिंग के अन्य पदकों में हिमांशु ढिल्लों, इलावेनिल वलारिवन और भारतीय पुरुष व महिला टीमों के रजत पदक तथा रुद्रांक्ष पाटिल और स्कीट टीमों के कांस्य पदक शामिल हैं।

एशियन गेम्स 2026 में भारत की पदक तालिका

भारत ने अब तक एशियन गेम्स 2026 में 2 स्वर्ण, 8 रजत और 9 कांस्य समेत कुल 19 पदक जीत लिए हैं। शूटिंग भारत के लिए सबसे ज्यादा पदक वाला खेल बना हुआ है, जिसमें अकेले 10 पदक भारत की झोली में आए हैं।

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