उत्तराखंड – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com National News Portal Mon, 29 Jun 2026 11:08:12 +0000 en-US hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0 https://himalayanganesha.com/wp-content/uploads/2025/09/cropped-Screenshot-2025-09-05-114937-32x32.png उत्तराखंड – Himalayan Ganesha https://himalayanganesha.com 32 32 मुख्यमंत्री धामी ने ₹123.79 करोड़ की 17 विकास योजनाओं का किया लोकार्पण एवं शिलान्यास https://himalayanganesha.com/2026/06/29/chief-minister-dhami-inaugurated-and-laid-the-foundation-stones-for-17-development-projects-worth-%e2%82%b9123-79-crore/ Mon, 29 Jun 2026 11:08:12 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7496

चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना संकल्प – धामी

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चम्पावत में आयोजित भव्य कार्यक्रम में कुल ₹123.79 करोड़ की लागत से तैयार एवं प्रस्तावित 17 विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया। इनमें ₹27.79 करोड़ की लागत से पूर्ण हुई 8 योजनाओं का लोकार्पण तथा ₹96 करोड़ की लागत से 9 नई विकास योजनाओं का शिलान्यास किया गया।

इस अवसर पर मा. मुख्यमंत्री ने ₹349.98 लाख की लागत से निर्मित जिम कॉर्बेट ट्रेल का उद्घाटन किया। इस प्रोजेक्ट के तहत जनपद के विभिन्न स्थानों में जिम कॉर्बेट से संबंधित विभिन्न निर्माण कार्य, सुधारीकरण कार्य किये जा रहे है। इसके साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा बस स्टेशन रोडवेज़ में निर्मित किये जा रहे सिटी सेन्टर के भूमि पूजन कार्यक्रम में भी प्रतिभाग किया।

कार्यक्रम के दौरान मा.मुख्यमंत्री द्वारा विभिन्न मंदिरों के पुजारीगण, अर्धसैनिक बल, युवा वर्ग, जनप्रतिनिधि गण, व्यापार मंडल/ढाबा संचालकों, स्वच्छाग्रही, शिक्षकगण, उद्यमियों, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, टैक्सी यूनियन, बैंक कर्मी तथा बार एसोसिएशन, प्रबुद्धजनों, मीडियाकर्मियों समेत विभिन्न समूहों तथा लोगों से संवाद किया गया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि चम्पावत को उत्तराखण्ड का मॉडल जनपद बनाना उनका संकल्प है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए निरंतर कार्य कर रही है और चम्पावत आज शिक्षा, पर्यटन, आधारभूत संरचना, महिला सशक्तिकरण, कृषि, व्यापार तथा रोजगार के क्षेत्र में नई पहचान बना रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भवन और सड़कें बनाना नहीं, बल्कि ऐसा चम्पावत विकसित करना है जहाँ युवाओं को अवसर, महिलाओं को आत्मनिर्भरता, किसानों को समृद्धि, व्यापारियों को नए अवसर तथा प्रत्येक नागरिक को विकास का समान लाभ मिले।

उन्होंने कहा कि चम्पावत नगर में लगभग ₹62.33 करोड़ की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स (सिटी सेंटर) का निर्माण किया जाएगा, जिससे पार्किंग की समस्या का समाधान होने के साथ स्थानीय व्यापार को भी नई गति मिलेगी। साथ ही व्यापारिक भवनों के निर्माण, महिला प्रौद्योगिकी पार्क, आधुनिक पुस्तकालय, ज्ञान केन्द्र, ओपन जिम तथा युवाओं के लिए विभिन्न सुविधाओं का भी विकास किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की बेटियों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की खेल सुविधाएँ उपलब्ध कराने के लिए लगभग ₹257 करोड़ की लागत से महिला स्पोर्ट्स कॉलेज तथा लगभग ₹58.52 करोड़ की लागत से आधुनिक साइंस सेंटर की स्थापना की जा रही है। इसके अतिरिक्त कृषि महाविद्यालय, गौशालाओं का विकास तथा आधुनिक कृषि तकनीकों के माध्यम से किसानों की आय बढ़ाने की दिशा में भी कार्य किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के “विकास भी और विरासत भी” के मंत्र को आत्मसात करते हुए मानसखण्ड मंदिर माला मिशन के अंतर्गत माँ पूर्णागिरि धाम, शारदा कॉरिडोर, गोल्ज्यू कॉरिडोर एवं माँ वाराही धाम सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों का विकास किया जा रहा है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार एवं स्वरोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि टनकपुर में लगभग ₹237.74 करोड़ की लागत से आधुनिक आईएसबीटी तथा लगभग ₹14 करोड़ की लागत से मीडिया सेंटर का निर्माण किया जा रहा है। वहीं लोहाघाट में पर्यावरण मित्रों के लिए आवासीय भवन, बनबसा में सैनिक स्मारक एवं पाटी में सैनिक बहुउद्देशीय केन्द्र की स्थापना की दिशा में भी कार्य प्रगति पर हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाएँ केवल निर्माण कार्य नहीं, बल्कि विकसित चम्पावत की मजबूत नींव हैं। ये युवाओं के सपनों को नई उड़ान, महिलाओं को नई शक्ति, किसानों को समृद्धि, व्यापार को गति तथा पर्यटन को नई पहचान देने वाली योजनाएँ हैं।

उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले वर्षों में चम्पावत समावेशी, संतुलित एवं सतत विकास का आदर्श मॉडल बनेगा और विकसित उत्तराखण्ड के संकल्प को साकार करने में अग्रणी भूमिका निभाएगा।मुख्यमंत्री ने सभी विकास परियोजनाओं के लिए जनपदवासियों को बधाई देते हुए विकास यात्रा में निरंतर जनसहभागिता का आह्वान किया।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत चम्पावत आनंद सिंह अधिकारी, दर्जा राज्य मंत्री श्याम पांडे, श्रीमती हेमा जोशी, रोहित बिष्ट, मुकेश महराना, भाजपा जिलाध्यक्ष गोविंद सामंत, भाजपा प्रदेश मंत्री निर्मल मेहरा, जिलाधिकारी मनीष कुमार, पुलिस अधीक्षक रेखा यादव, मुख्य विकास अधिकारी डॉ जी.एस.खाती, अपर जिलाधिकारी कृष्णनाथ गोस्वामी सहित समस्त जिला स्तरीय अधिकारीगण, विभिन्न जन प्रतिनिधिगण तथा बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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मुख्यमंत्री धामी ने चंपावत में अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का किया लोकार्पण https://himalayanganesha.com/2026/06/29/%e0%a4%ae%e0%a5%81%e0%a4%96%e0%a5%8d%e0%a4%af%e0%a4%ae%e0%a4%82%e0%a4%a4%e0%a5%8d%e0%a4%b0%e0%a5%80-%e0%a4%a7%e0%a4%be%e0%a4%ae%e0%a5%80-%e0%a4%a8%e0%a5%87-%e0%a4%9a%e0%a4%82%e0%a4%aa%e0%a4%be/ Mon, 29 Jun 2026 10:13:51 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7493

स्वस्थ उत्तराखंड से ही बनेगा समर्थ और विकसित उत्तराखंड- मुख्यमंत्री 

चंपावत। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को चंपावत में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में अभूतपूर्व और ऐतिहासिक सौगात दी।
मुख्यमंत्री ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) के अंतर्गत आई.सी.आई.सी.आई फाउंडेशन फॉर इन्क्लूसिव ग्रोथ के सहयोग से लगभग 6 करोड़ रुपये की लागत से स्थापित अत्याधुनिक एम.आर.आई मशीन का लोकार्पण किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वस्थ उत्तराखंड ही समर्थ, आत्मनिर्भर और विकसित उत्तराखंड का मुख्य आधार है। राज्य सरकार की प्राथमिकता है कि राज्य में अस्पतालों के निर्माण के साथ उन्हें आधुनिक चिकित्सा उपकरणों, गुणवत्तापूर्ण सेवाओं और प्रशिक्षित मानव संसाधन से सशक्त बनाना है।

मुख्यमंत्री ने कहा एम.आर.आई मशीन के उद्घाटन से सीमांत क्षेत्र के लाखों लोगों के लिए बेहतर स्वास्थ्य सेवाओं, समय पर सटीक जांच और उच्च स्तरीय उपचार की सुविधा का लाभ मिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इस अनुपम सुविधा का लाभ न केवल चंपावत, बल्कि पिथौरागढ़, अल्मोड़ा, नैनीताल तथा इसके आसपास के सभी सीमांत क्षेत्रों के नागरिकों को प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने पुरानी कठिनाइयों को याद करते हुए कहा कि अब तक चंपावत सहित आसपास के क्षेत्रों के गंभीर मरीजों को एमआरआई जैसी जटिल जांचों के लिए हल्द्वानी अथवा अन्य बड़े शहरों की ओर जाना पड़ता था, जो गंभीर रोगियों और उनके परिजनों के लिए भारी समय, धन और मानसिक कष्ट का कारण बनता था। अब मस्तिष्क, रीढ़, नसों, जोड़ों, कैंसर और स्ट्रोक जैसी गंभीर बीमारियों की उच्च स्तरीय जांच स्थानीय स्तर पर ही सुलभ होगी, जिससे समय पर जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित होने के साथ-साथ अनेक बहुमूल्य जीवनों को बचाया जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा हमारी सोच केवल वर्तमान आवश्यकताओं तक सीमित नहीं है, बल्कि हम भविष्य की उभरती जरूरतों को ध्यान में रखते हुए एक अत्यंत सुदृढ़ स्वास्थ्य व्यवस्था का निर्माण कर रहे हैं। उन्होंने कहा चंपावत विधानसभा क्षेत्र में स्वास्थ्य अवसंरचना को निरंतर सुदृढ़ किया जा रहा है। जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड वाले आधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि जिला चिकित्सालय में ही लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर में पार्किंग, प्रथम एवं द्वितीय तल पर अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक विंग तथा आधुनिक ऑपरेशन थिएटर का निर्माण कार्य तीव्र गति से प्रगति पर है, जिसके पूर्ण होने के बाद जनपद की स्वास्थ्य सेवाएं और अधिक मजबूत व आधुनिक बनेंगी।अमोड़ी में 2.18 करोड़ रुपये की लागत से प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) के निर्माण कार्य से स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्राप्त हो रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में प्रशिक्षित स्वास्थ्यकर्मियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए इंटीग्रेटेड नर्सिंग संस्थान में 470.05 लाख रुपये की लागत से 129 बेड वाले विशाल व आधुनिक छात्रावास का निर्माण पूर्ण किया जा चुका है, जो प्रदेश में नर्सिंग शिक्षा को एक नई मजबूती प्रदान करेगा। जनपद चंपावत में एक नए पैरामेडिकल कॉलेज की स्थापना की आवश्यक कार्यवाही भी तेजी से बढ़ाई जा रही है, जिससे स्थानीय युवाओं को चिकित्सा शिक्षा के नए अवसर मिलेंगे और राज्य को दक्ष पैरामेडिकल मानव संसाधन प्राप्त होगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि आर्थिक अभाव, कभी भी किसी भी परिवार के उपचार में बाधा नहीं बनेगी। आज आयुष्मान भारत योजना और अटल आयुष्मान उत्तराखंड योजना के माध्यम से प्रदेश के लाखों परिवारों को पूरी तरह से निःशुल्क और कैशलेस उपचार की सुविधा प्रदान की जा रही है। चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के क्षेत्र में दिख रहा यह युगांतकारी परिवर्तन हमारी उस अंत्योदय सोच का परिणाम है जिसके केंद्र में आम नागरिक का जीवन, उसका स्वास्थ्य और हमारी सरकार पर उसका अटूट विश्वास है।

मुख्यमंत्री ने सभी नागरिकों से आह्वान किया कि हम सब मिलकर एक ऐसे सशक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प लें, जहां हर नागरिक को आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वस्थ जीवन का अधिकार सहजता से उपलब्ध हो, क्योंकि जब हमारा नागरिक स्वस्थ होगा, तभी हमारा प्रदेश समृद्ध होगा और विकसित उत्तराखंड का हमारा साझा संकल्प साकार होगा।

इस अवसर पर अध्यक्ष जिला पंचायत आनंद सिंह अधिकारी, नगर पालिका अध्यक्ष श्रीमती प्रेमा पांडे, ब्लॉक प्रमुख चंपावत अंचला बोहरा, भाजपा जिला अध्यक्ष गोविंद सिंह सामंत, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश तिवारी, टनकपुर दीपक रजवार, प्रदेश मंत्री भाजपा अध्यक्ष निर्मल महारा एवं अन्य लोग मौजूद रहे।

कोरोनेशन अस्पताल की भी है मांग

दून के कोरोनेशन अस्पताल में भी लंबे समय से एमआरआई मशीन की मांग की जा रही है। अकेले दून अस्पताल ही मरीजों का भार उठा रहा है। और मरीजों को एमआरआई के लिए लंबा इंतजार करना पड़ रहा है।
कोरोनेशन अस्पताल में एमआरआई मशीन के लिए पर्याप्त जगह भी निर्मित है। ऐसे में अगर इस अस्पताल में भी एमआरआई मशीन लग जाय तो दून अस्पताल पर पड़ रहे मरीजों के भारी भरकम बोझ से निजात भी मिलेगी।

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शहीद पंकज गुरुंग मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट का हुआ समापन, कैबिनेट मंत्री ने खिलाड़ियों का बढ़ाया उत्साह https://himalayanganesha.com/2026/06/29/shaheed-pankaj-gurung-memorial-badminton-tournament-concludes-cabinet-minister-boosts-players-morale/ Mon, 29 Jun 2026 06:35:04 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7490

देहरादून। देहरादून के जोहड़ी गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय परिसर में पूर्व सैनिक संगठन जोहड़ी गांव द्वारा आयोजित तीन दिवसीय शहीद पंकज गुरुंग मेमोरियल बैडमिंटन टूर्नामेंट का समापन फाइनल मुकाबलों के साथ हुआ। समापन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सूबे के कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी उपस्थित रहे।

गत सात वर्षों से आयोजित हो रहा यह टूर्नामेंट क्षेत्र में खेल प्रतिभाओं को मंच प्रदान करने का महत्वपूर्ण माध्यम बन चुका है। प्रतियोगिता में विभिन्न आयु वर्ग के बच्चों एवं युवाओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस आयोजन से क्षेत्र में खेलों के प्रति युवाओं का रुझान लगातार बढ़ रहा है तथा नई प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर मिल रहा है।

अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने आयोजन समिति को सफल आयोजन के लिए शुभकामनाएं देते हुए विजेता एवं उपविजेता खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि “खेल में जीत और हार दोनों जीवन का अभिन्न हिस्सा हैं। जीत हमें उत्साहित और आगे बढ़ने की प्रेरणा देती है, वहीं हार हमें आत्ममंथन करने तथा जीवन की कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए मजबूत बनाती है। इसलिए प्रत्येक खिलाड़ी को खेल भावना, अनुशासन और सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ना चाहिए।”

उन्होंने शहीद पंकज गुरुंग के सर्वोच्च बलिदान को नमन करते हुए कहा कि उनके सम्मान में आयोजित यह प्रतियोगिता युवाओं में देशभक्ति, अनुशासन और खेल भावना का उत्कृष्ट संदेश देती है।

इस अवसर पर शहीद पंकज गुरुंग की माताजी आरती गुरुंग, आयोजन समिति के अध्यक्ष कैप्टन सुख बहादुर गुरुंग, राज्यमंत्री ज्योति कोटिया, मंडल अध्यक्ष राजीव गुरुंग, महानगर उपाध्यक्ष संध्या थापा, सपना मल्ल, दिनेश प्रधान, कमल गुरुंग, मधुसूदन आले, नितेन्द्र बोहरा, दुर्गेश गौतम, विश्वजीत,नरेश रतूड़ी, अनिल थापा सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी एवं खेल प्रेमी उपस्थित रहे।

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चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्राएं सदियों से रही हैं आस्था, समरसता और सहअस्तित्व का प्रतीक https://himalayanganesha.com/2026/06/27/the-pilgrimages-to-char-dham-and-hemkunt-sahib-have-long-been-symbols-of-faith-harmony-and-coexistence/ Sat, 27 Jun 2026 05:33:28 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7486

आइए, हम सब मिलकर देवभूमि के इस देवतत्व, सद्भाव, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करें

हेमकुंट साहिब के प्रथम ग्रंथी रहे थे चमोली के भ्यूंडार गांव निवासी नंदा सिंह

देहरादून। देवभूमि उत्तराखंड की पहचान केवल हिमालय, नदियों और प्राकृतिक सौंदर्य तक सीमित नहीं है। इसकी वास्तविक आत्मा यहां की समृद्ध आध्यात्मिक परंपराओं, सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक सहअस्तित्व में बसती है। चारधाम और हेमकुंट साहिब की यात्राएं इस विरासत का सबसे जीवंत और प्रेरणादायक उदाहरण हैं। सदियों से ये यात्राएं न केवल समानांतर रूप से संचालित होती रही हैं, बल्कि इन्होंने विभिन्न आस्थाओं को जोड़ते हुए भाईचारे, सहयोग और मानवीय मूल्यों को भी मजबूत किया है।

ऐसे समय में जब कुछ क्षणिक घटनाओं को आधार बनाकर सामाजिक और डिजिटल मंचों पर विभाजनकारी माहौल बनाने की कोशिशें दिखाई दे रही हैं, उत्तराखंड की इस गौरवशाली परंपरा को याद करना और उसकी रक्षा करना हम सभी की जिम्मेदारी बन जाती है। राजनीतिक लाभ या तात्कालिक उत्तेजना के लिए यदि इस सद्भाव को ठेस पहुंचती है, तो इसका असर केवल सामाजिक ताने-बाने पर ही नहीं, बल्कि राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन पर भी पड़ सकता है।

चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्राएं हमेशा से एक-दूसरे की पूरक रही हैं। इन दोनों यात्राओं का प्रमुख प्रवेश द्वार ऋषिकेश है। केदारनाथ, बद्रीनाथ और हेमकुंट साहिब जाने वाले श्रद्धालु यात्रा के बड़े हिस्से में एक ही मार्ग और एक जैसी सुविधाओं का उपयोग करते हैं। यात्रा मार्ग पर स्थानीय समुदाय, गुरुद्वारे, मंदिर समितियां, स्वयंसेवी संस्थाएं और आम लोग मिलकर सेवा, सहयोग और अतिथि सत्कार की परंपरा को जीवंत बनाए रखते हैं। यही उत्तराखंड की वह सांस्कृतिक चेतना है, जिसमें विविध आस्थाओं का सम्मान और परस्पर सौहार्द सर्वोपरि माना गया है।

नंदा सिंह की विरासत: समरसता का जीवंत प्रतीक
इतिहास भी इस साझा विरासत की पुष्टि करता है। चमोली जिले के भ्यूंडार गांव निवासी स्वर्गीय नंदा सिंह हेमकुंट साहिब गुरुद्वारे के प्रथम ग्रंथी रहे और लगभग ढाई दशक तक इस महत्वपूर्ण जिम्मेदारी का निर्वहन करते रहे। उनका जीवन इस बात का सशक्त प्रमाण है कि उत्तराखंड की संस्कृति ने कभी भी आस्था के आधार पर भेदभाव नहीं किया, बल्कि सदैव समावेश और सहयोग को अपनाया है।

चारधाम और हेमकुंट साहिब यात्राएं केवल धार्मिक आयोजन नहीं हैं, बल्कि उत्तराखंड की अर्थव्यवस्था की भी मजबूत आधारशिला हैं। परिवहन, होटल व्यवसाय, होम-स्टे, घोड़ा-खच्चर संचालन, स्थानीय व्यापार और हजारों परिवारों की आजीविका प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से इन यात्राओं से जुड़ी हुई है। इसलिए इन यात्राओं से जुड़े सौहार्दपूर्ण वातावरण को बनाए रखना केवल सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आर्थिक मजबूरी भी है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हम किसी भी घटना पर प्रतिक्रिया देते समय संयम, विवेक और उत्तराखंड की मूल सांस्कृतिक भावना को सर्वोपरि रखें। प्रश्न यह नहीं है कि किसी घटना पर आक्रोश व्यक्त किया जाए या नहीं, बल्कि यह है कि क्या हम क्षणिक आवेश को बढ़ावा देंगे या फिर अपनी सदियों पुरानी समरसता, शांति और सहअस्तित्व की परंपरा को और मजबूत करेंगे।

देवभूमि की पहचान उसकी आस्था जितनी ही उसकी सहिष्णुता और भाईचारे से भी है। यह साझा आध्यात्मिक विरासत केवल हमारी धरोहर नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए हमारी जिम्मेदारी भी है। आइए, हम सब मिलकर इस देवतत्व, इस सद्भाव और इस सांस्कृतिक विरासत की रक्षा करें।

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खेत बचाओ अभियान’ का शुभारंभ,₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास https://himalayanganesha.com/2026/06/26/launch-of-save-farm-campaign-inauguration/ Fri, 26 Jun 2026 11:40:17 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7483

पंतनगर : गांधी मैदान, रुद्रपुर में कृषि विभाग द्वारा आयोजित ‘खेत बचाओ अभियान’ कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय कृषि एवं कृषक कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, कृषि एवं कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी तथा जनपद प्रभारी मंत्री एवं परिवहन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री प्रदीप बत्रा ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया।

इस अवसर पर ₹46.32 करोड़ की लागत से निर्मित 9 विकास कार्यों का लोकार्पण तथा ₹323.34 करोड़ की लागत के 32 विकास कार्यों का शिलान्यास किया गया। इस प्रकार कुल ₹369.66 करोड़ की विकास योजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास किया गया।

 

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए केन्द्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि जब खेत बचेंगे तो जमीन बचेगी, जमीन बचेगी तो पृथ्वी बचेगी और पृथ्वी बचेगी तो जीवन सुरक्षित रहेगा। उन्होंने किसानों से मृदा संरक्षण, संतुलित उर्वरक उपयोग तथा प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का आह्वान करते हुए कहा कि भूमि केवल उत्पादन का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी धरती माता है, जिसका संरक्षण हम सभी का दायित्व है। उन्होंने कहा कि कृषि मंत्री का दायित्व किसानों के प्रथम सेवक के रूप में कार्य करना है तथा किसानों की सेवा ही उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत आज चावल उत्पादन में विश्व में प्रथम स्थान पर है तथा कृषि क्षेत्र में निरंतर नए कीर्तिमान स्थापित कर रहा है।

 

केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि जलवायु परिवर्तन वर्तमान समय की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, किंतु प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में देश प्रत्येक चुनौती का सफलतापूर्वक सामना करेगा। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड कृषि एवं बागवानी के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है और निकट भविष्य में हॉर्टिकल्चर हब के रूप में नई पहचान स्थापित करेगा। इस दिशा में भारत सरकार हरसंभव सहयोग प्रदान करेगी।

केंद्रीय मंत्री ने घोषणा करते हुए कहा कि सेब, अखरोट एवं बादाम सहित उच्च गुणवत्ता वाले फलदार पौधों के उत्पादन हेतु मुक्तेश्वर में ₹100 करोड़ की लागत से क्लीन प्लांट सेंटर स्थापित किया जाएगा। बड़ी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹4 करोड़ तथा छोटी नर्सरी स्थापित करने वालों को ₹2 करोड़ तक की सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने बताया कि चौबटिया (अल्मोड़ा) में ₹15 करोड़ की लागत से सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त न्यूजीलैंड के सहयोग से उत्तराखंड में कीवी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹15 करोड़ की विशेष कार्ययोजना तैयार की जा रही है।

उन्होंने कहा कि जंगली जानवरों से फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ (फेंसिंग) कार्य हेतु ₹65 करोड़ उपलब्ध कराए जाएंगे। साथ ही प्रदेश में ऑटोमैटिक वेदर स्टेशन स्थापित करने के लिए ₹104 करोड़ की धनराशि स्वीकृत की जा रही है, जिससे किसानों को मौसम की सटीक जानकारी समय पर उपलब्ध हो सकेगी तथा प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का लाभ और अधिक प्रभावी ढंग से मिल सकेगा।

केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने किसानों से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना का अधिकाधिक लाभ लेने तथा मृदा परीक्षण के आधार पर ही उर्वरकों का संतुलित उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक एवं जैविक खेती को बढ़ावा देकर भूमि की उर्वरा शक्ति को संरक्षित किया जा सकता है तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि सुरक्षित रखी जा सकती है।

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि स्वस्थ किसान, स्वस्थ मिट्टी तथा स्वस्थ कृषि व्यवस्था ही विकसित भारत और विकसित उत्तराखंड की सशक्त नींव है। उन्होंने कहा कि “खेत बचाओ अभियान” केवल एक सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य का जनआंदोलन है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने कृषि क्षेत्र को सशक्त बनाने के लिए अनेक ऐतिहासिक निर्णय लिए हैं।प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, प्राकृतिक खेती, कृषि अवसंरचना तथा डिजिटल कृषि मिशन जैसी योजनाओं से किसानों को व्यापक लाभ मिल रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि किसान देश की खाद्य सुरक्षा एवं अर्थव्यवस्था की आधारशिला हैं। यदि मिट्टी का स्वास्थ्य प्रभावित होगा तो कृषि उत्पादन के साथ-साथ मानव स्वास्थ्य पर भी गंभीर प्रभाव पड़ेगा। इसलिए किसानों को नियमित मृदा परीक्षण कराकर वैज्ञानिक सलाह के अनुसार उर्वरकों का उपयोग करना चाहिए तथा प्राकृतिक एवं जैविक खेती को अपनाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार किसानों को ₹3 लाख तक का ब्याजमुक्त कृषि ऋण उपलब्ध करा रही है। नहरों से सिंचाई की सुविधा निःशुल्क प्रदान की जा रही है तथा फार्म मशीनरी बैंक योजना के अंतर्गत कृषि यंत्रों पर 80 प्रतिशत तक अनुदान दिया जा रहा है।पर्वतीय क्षेत्रों में वर्षा आधारित खेती को सशक्त बनाने के लिए रेनफेड फार्मिंग परियोजना भी स्वीकृत की गई है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार फल, सब्जी एवं बागवानी उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन कर रही है। पॉलीहाउस, कोल्ड स्टोरेज, कोल्ड चेन, सीए स्टोरेज तथा मेगा फूड पार्क जैसी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार किया जा रहा है, जिससे किसानों को अपनी उपज का बेहतर मूल्य प्राप्त हो सके। स्थानीय कृषि उत्पादों को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार उपलब्ध कराने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार योजनाएं एवं संसाधन उपलब्ध करा सकती है, किंतु कृषि क्षेत्र में स्थायी परिवर्तन किसानों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव है। उन्होंने किसानों से मिट्टी के स्वास्थ्य की रक्षा करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए उपजाऊ भूमि का संरक्षण करने का संकल्प लेने का आह्वान किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने सभी अतिथियों एवं किसानों का स्वागत करते हुए घेरबाड़ के लिए ₹65 करोड़, जैविक खेती के लिए ₹10 करोड़ की सहायता उपलब्ध कराने तथा मंडुवा एवं झंगोरा के लिए न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) घोषित करने का अनुरोध किया।

 

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मुख्यमंत्री ने प्रदान की विभिन्न विकास योजनाओं के लिए ₹ 42 करोड़ की वित्तीय स्वीकृति https://himalayanganesha.com/2026/06/26/chief-minister-grants-financial-approval-of-%e2%82%b942-crore-for-various-development-schemes/ Fri, 26 Jun 2026 06:19:39 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7480

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य के विभिन्न जनपदों में वाह्य एवं आन्तरिक मार्गाे के निर्माण कार्य, सौन्दर्यीकरण कार्य, आपदा राहत आदि विकास कार्यों तथा जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण घोषणाओं के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु ₹ 42 करोड़ की वित्तीय एवं प्रशासनिक स्वीकृति प्रदान की है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ की विधानसभा धारचूला के अन्तर्गत ग्राम सभा बौन में श्री हयॉ गुरु देव व गैरेंग मंदिर सौन्दर्यीकरण व चार दीवारी निर्माण हेतु ₹ 85.00 लाख तथा विधानसभा सल्ट हेतु कुलान्टेश्वर महादेव के मेला स्थल के सौन्द्रर्यीकरण हेतु ₹ 50.08 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद हरिद्वार की विधानसभा पिरान कलियर हेतु मेवड़ नागड़ के श्मशान घाट में बाउण्ड्रीवॉल के निर्माण हेतु ₹ 16.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद देहरादून अन्तर्गत दैवीय आपदा से प्रभावित परिवारों को ग्राम मझाडा/कार्लीगाड के 14 प्रभावित परिवारों को सुरक्षा की दृष्टि से अन्यत्र किराये के भवन में रखे जाने का प्रतिमाह ₹ 4000 की दर से 06 माह के भुगतान हेतु ₹ 3.36 लाख मुख्यमंत्री राहत कोष से स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद उधमसिंहनगर के विधान सभा क्षेत्र किच्छा के नगला, लालपुर मोटर मार्ग से इंदर पुर (अम्बेडकर कालौनी) तक मार्ग का प्रीमिक्स कार्पेट द्वारा पुनः निर्माण हेतु ₹ 85.49 लाख की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा शासकीय भवनों पर ग्रिड कनेक्टेड सोलर पावर प्लांट संयत्र (5.5 मेगावाट क्षमता) स्थापित किये जाने हेतु ₹ 35.24 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 14.10 करोड़ तथा विभिन्न जनपदों के सार्वजनिक स्थलों पर सोलर स्ट्रीट लाईट एवं सोलर हाई मास्ट संयत्रों की स्थापना हेतु ₹ 38.00 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 15.20 करोड स्वीकृत किये जाने के साथ ही उरेडा के अन्तर्गत शासकीय भवनों पर सोलर वाटर हीटर संयंत्रों की स्थापना हेतु ₹ 6.76 करोड़ की स्वीकृति प्रदान करते हुए प्रथम किश्त में ₹ 2.70 करोड़ स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा जनपद पिथौरागढ़ के विकासखण्ड धारचूला के आदि कैलाश मंदिर में वाह्य रास्ते एवं अन्य सुविधाओं के निर्माण हेतु ₹ 3.28 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

मुख्यमंत्री द्वारा विधान सभा क्षेत्र चम्पावत के अन्तर्गत टनकपुर एवं बनबसा के ग्रामीण क्षेत्रों में 10-10 किमी. आन्तरिक मार्गाे के निर्माण हेतु ₹ 4.38 करोड़ की धनराशि स्वीकृत किये जाने का अनुमोदन प्रदान किया गया है।

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धामी सरकार की बड़ी सौगात, मात्र 3 लाख रुपये में मिलेगा आधुनिक फ्लैट https://himalayanganesha.com/2026/06/25/a-major-gift-from-the-dhami-government-modern-flats-available-for-just-%e2%82%b93-lakh/ Thu, 25 Jun 2026 10:34:18 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7477

तैयार हुई उत्तराखंड की सबसे बड़ी EWS आवासीय परियोजनाओं में से एक

प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत रुद्रपुर के बागवाला में साकार हो रहा 1872 परिवारों का आशियाने का सपना, जल्द लाभार्थियों को सौंपी जाएंगी चाबियां

देहरादून।  गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को सम्मानजनक जीवन देने के संकल्प के साथ उत्तराखंड सरकार और भारत सरकार मिलकर एक ऐसी आवासीय परियोजना को अंतिम रूप दे रही हैं, जो हजारों लोगों के जीवन में बड़ा बदलाव लाने वाली है। प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के ग्राम बागवाला में 1872 ईडब्ल्यूएस (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) आवासों का निर्माण कार्य लगभग पूरा हो चुका है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुरूप सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की सतत निगरानी में विकसित यह परियोजना राज्य में गरीब परिवारों के लिए सुरक्षित और आधुनिक आवास उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है। जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण (उधमसिंह नगर) द्वारा संचालित इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य ऐसे परिवारों को अपना घर उपलब्ध कराना है, जिनके पास अब तक पक्का मकान नहीं है। परियोजना के पूर्ण होने के बाद हजारों लोगों का वर्षों पुराना सपना साकार होने जा रहा है।

गरीब परिवारों के लिए उम्मीद की नई बस्ती
‘अपना घर, अपना स्वाभिमान’ की भावना के साथ तैयार की गई इस परियोजना में कुल 1872 आवासों का निर्माण किया गया है। इनमें से 832 फ्लैट पूरी तरह तैयार हो चुके हैं, जबकि 512 अतिरिक्त फ्लैटों में अंतिम चरण के छोटे-मोटे कार्य तेजी से चल रहे हैं। सरकार की योजना शीघ्र ही परियोजना का लोकार्पण कर लाभार्थियों को उनके नए घरों की चाबियां सौंपने की है। सबसे बड़ी बात यह है कि छह लाख रुपये लागत वाले इन आधुनिक फ्लैटों के लिए लाभार्थी को मात्र तीन लाख रुपये ही देने होंगे। शेष राशि भारत सरकार और उत्तराखंड सरकार द्वारा डेढ़-डेढ़ लाख रुपये की सब्सिडी के रूप में वहन की जाएगी। इससे सीमित आय वाले परिवारों को भी सम्मानजनक आवास प्राप्त करने का अवसर मिलेगा।

आधुनिक सुविधाओं से लैस आवासीय परिसर
करीब 6.0281 हेक्टेयर भूमि पर विकसित इस आवासीय परियोजना का निर्माण क्षेत्रफल लगभग 39,220 वर्ग मीटर है। योजना में कुल 23 बहुमंजिला आवासीय ब्लॉक बनाए गए हैं, जिनमें आधुनिक शहरी सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। प्रत्येक फ्लैट में एक बेडरूम, ड्राइंग रूम, किचन, टॉयलेट, बाथरूम और बरामदा उपलब्ध कराया गया है। लगभग 28 वर्ग मीटर क्षेत्रफल वाले इन आवासों को इस प्रकार डिजाइन किया गया है कि छोटे परिवारों को पर्याप्त सुविधा और बेहतर जीवन स्तर मिल सके। परियोजना की विशेषता यह है कि सभी भवन भूकंपरोधी तकनीक से निर्मित किए गए हैं। इसके साथ ही चौड़ी सड़कों, पर्याप्त पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति और स्वच्छ वातावरण की व्यवस्था भी सुनिश्चित की गई है।

पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर विशेष जोर
बागवाला आवासीय परियोजना को केवल मकानों का समूह नहीं, बल्कि एक आधुनिक और टिकाऊ आवासीय परिसर के रूप में विकसित किया गया है। परिसर में वर्षा जल संचयन (रेन वाटर हार्वेस्टिंग), सीवरेज सिस्टम और अत्याधुनिक एसटीपी (सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट) की व्यवस्था की गई है।परियोजना में हरे-भरे पार्क, बच्चों के लिए सुरक्षित खेल क्षेत्र और सौंदर्यीकरण के व्यापक कार्य भी पूरे किए जा चुके हैं। हॉर्टिकल्चर का कार्य पूर्ण होने से परिसर का वातावरण आकर्षक और पर्यावरण अनुकूल बन गया है।

बेहतर कनेक्टिविटी से बढ़ेगी सुविधा
आवासीय परिसर का स्थान भी इसकी सबसे बड़ी विशेषताओं में शामिल है। बागवाला स्थित यह परियोजना मुख्य बाजार और प्रमुख मार्ग से लगभग तीन किलोमीटर की दूरी पर है। बस स्टेशन छह किलोमीटर और रेलवे स्टेशन आठ किलोमीटर दूर स्थित है। बेहतर सड़क संपर्क और शहर के प्रमुख क्षेत्रों से नजदीकी के कारण यहां रहने वाले परिवारों को शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और अन्य आवश्यक सुविधाओं तक आसानी से पहुंच मिल सकेगी।

पारदर्शी होगी आवंटन प्रक्रिया
सरकार ने आवास आवंटन प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने का निर्णय लिया है। पात्र लाभार्थियों का चयन कंप्यूटर आधारित रैंडमाइजेशन लॉटरी प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। आवेदन के लिए आवेदक का प्रधानमंत्री आवास योजना के एमआईएस पोर्टल पर पंजीकृत होना आवश्यक है। साथ ही आवेदक को 17 जून 2015 से पूर्व का उत्तराखंड निवासी होना चाहिए तथा उसकी वार्षिक आय तीन लाख रुपये या उससे कम होनी चाहिए। आवेदक या उसके परिवार के किसी सदस्य के नाम देश में कहीं भी पक्का मकान नहीं होना चाहिए। मात्र पांच हजार रुपये जमा कर आवेदन प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। शेष राशि के भुगतान के लिए बैंकों के माध्यम से ऋण सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

सुरक्षा और गुणवत्ता के मानकों पर खरा परिसर
परियोजना में सुरक्षा और गुणवत्ता को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। परिसर में आरसीसी बाउंड्री वॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का निर्माण पूरा हो चुका है। सभी ब्लॉकों में विद्युत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं तथा यूपीसीएल द्वारा इलेक्ट्रिकल सेफ्टी जांच भी पूरी की जा चुकी है। इसके अलावा फायर डिपार्टमेंट द्वारा फायर फाइटिंग सिस्टम का सफल परीक्षण किया जा चुका है। जलापूर्ति व्यवस्था के लिए अंडरग्राउंड टैंक और ओवरहेड टैंक स्थापित किए गए हैं, जबकि एसटीपी भी परीक्षण चरण में पहुंच चुका है।

धामी सरकार की समावेशी विकास सोच का उदाहरण
प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत विकसित बागवाला परियोजना उत्तराखंड में समावेशी विकास और सामाजिक सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार लगातार ऐसी योजनाओं को गति दे रही है, जिनका सीधा लाभ आम नागरिकों और विशेष रूप से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को मिल रहा है। सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार की निगरानी में तेजी से आगे बढ़ी यह परियोजना अब अपने अंतिम चरण में है। आने वाले दिनों में जब हजारों परिवार अपने नए घरों में प्रवेश करेंगे, तब यह केवल मकानों का हस्तांतरण नहीं होगा, बल्कि आत्मसम्मान, सुरक्षा और बेहतर भविष्य की एक नई शुरुआत होगी। बागवाला की यह आवासीय बस्ती उत्तराखंड में गरीब परिवारों के जीवन स्तर को बदलने वाली एक नई पहचान बनने जा रही है।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार का बयान
सचिव आवास एवं आवास आयुक्त डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के अंतर्गत रुद्रपुर के बागवाला में विकसित की गई यह परियोजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाने वाली है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के मार्गदर्शन में राज्य सरकार प्रत्येक पात्र परिवार को सम्मानजनक आवास उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। परियोजना में गुणवत्ता, सुरक्षा और आधुनिक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा गया है। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप पूरे किए गए हैं। शीघ्र ही पात्र लाभार्थियों को आवासों का आवंटन कर चाबियां सौंपी जाएंगी, जिससे हजारों परिवारों का अपने घर का सपना साकार होगा।

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4098 बालिकाओं को मिले 19.23 करोड़- रेखा आर्या https://himalayanganesha.com/2026/06/25/4098-girls-received-rs-19-23-crore-rekha-arya/ Thu, 25 Jun 2026 08:32:28 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7474

कैबिनेट मंत्री ने जारी किया नंदा गौरा योजना का बकाया धन

देहरादून। नंदा गौरा योजना के तहत गुरुवार को हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की 4098 पात्र बालिकाओं को लाभान्वित किया गया। महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने डीबीटी के माध्यम से इन बालिकाओं के बैंक खातों में करीब 19.23 करोड़ रुपये की धनराशि हस्तांतरित की।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 2025-26 में प्रदेश की 33,251 पात्र बालिकाओं को 26 फरवरी 2026 को ही योजना का लाभ दिया जा चुका था। हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद की कुछ पात्र बालिकाओं की आवश्यक औपचारिकताएं एवं जनपद स्तरीय समिति से अनुमोदन की प्रक्रिया समय पर पूरी नहीं हो सकी थी, जिसके कारण उन्हें उस समय लाभ नहीं मिल पाया था।

प्रक्रिया पूरी होने के बाद गुरुवार को यमुना कॉलोनी स्थित कैंप कार्यालय में इन 4098 बालिकाओं को योजना की सहायता राशि डीबीटी के माध्यम से प्रदान की गई।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का संकल्प है कि प्रदेश की कोई भी पात्र बेटी योजना के लाभ से वंचित न रहे। नंदा गौरा योजना बेटियों की शिक्षा, आत्मनिर्भरता और बेहतर भविष्य के लिए महत्वपूर्ण पहल है।

आज लाभान्वित बालिकाओं में जन्म के समय सहायता पाने वाली 417 बालिकाएं और 12वीं उत्तीर्ण कर स्नातक में प्रवेश लेने वाली 3681 बालिकाएं शामिल हैं।

गौरतलब है कि नंदा गौरा योजना के अंतर्गत वर्ष 2017-18 से 2025-26 तक प्रदेश की कुल 4,11,035 बालिकाओं को करीब 1314 करोड़ रुपये की धनराशि डीबीटी के माध्यम से वितरित की जा चुकी है।

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कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी है : सीएम धामी https://himalayanganesha.com/2026/06/25/the-bjp-has-become-invincible-due-to-the-capability-experience-and-dedication/ Thu, 25 Jun 2026 05:36:04 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7471

प्रकोष्ठों को सरकार के कार्य हर वर्ग तक पहुंचाकर, जीत को अधिक प्रचंड बनाना है : सीएम धामी

राजनीति सेवा का माध्यम, तभी भाजपा में आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की अहमियत : सीएम धामी

प्रकोष्ठों का विस्तार बताता है, भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर : सीएम धामी

बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होगी : भट्ट

देहरादून। भाजपा प्रदेश प्रकोष्ठों की महत्वपूर्ण बैठक को संबोधित करते हुए सीएम धामी ने कहा, कार्यकर्ताओं की क्षमता, अनुभव और समर्पण से भाजपा अजेय बनी हुई है। अब प्रकोष्ठों को सरकार के कामों को हर वर्ग तक पहुंचाकर, पार्टी की जीत को अधिक प्रचंड बनाना है। भाजपा के लिए राजनीति सेवा का माध्यम, तभी आपदा , एनजीओ और पर्यटन जैसे प्रकोष्ठों की हमारे लिए अहमियत है, जो बताता है भाजपा जनता के बीच काम करती है, विपक्ष सोशल मीडिया पर। इस अवसर पर प्रदेश अध्यक्ष भट्ट ने कहा, बूथ बूथ कमल खिलाने में प्रकोष्ठों की भूमिका बेहद अहम होने जा रही है।

प्रदेश कार्यालय में आयोजित इस बैठक में बोलते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा, भाजपा राष्ट्र निर्माण के संकल्प को लेकर चलने वाला एक जीवंत जीवंत विचारधारा है। और इस विचार को समाज के अंतिम छोर तक खड़े हुए विभिन्न आय वर्ग और सामाजिक वर्ग के लोगों तक पहुंचाने का काम कोई करता है, समाज के हर वर्ग तक पहुंचने में पार्टी का कोई माध्यम बनता है, तो हमारे प्रकोष्ठ बनते हैं। आज हमारे पास चिकित्सा,सहकारिता, सांस्कृतिक, व्यवसायिक, आपदा प्रबंधन, पर्यटन गतिविधि, खेल सभी क्षेत्रों में काम करने वाले विभिन्न प्रकोष्ठ हैं। उसमें आप सभी लोगों को इस क्षेत्र में अपनी एक विशेषज्ञता के साथ, पार्टी के अनुभव और समाज का अनुभव है का सामंजस्य बनाते हुए सरकार और पार्टी के कामों को जन जन तक पहुंचाना है। आप लोगों की क्षमता, अनुभव और समर्पण हमे अन्य पार्टियों के सामने अजेय बनाता है।

उन्होंने कहा, भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों में यही प्रमुख अंतर है कि अन्य दल सिर्फ चुनाव के समय में वोट ढूंढने के लिए निकलते हैं। और हम लोग 365 दिन समाज के हर वर्ग की सेवा के लिए काम करते है। क्योंकि भाजपा राजनीति को सत्ता का माध्यम नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम मानती है। हम लोग सरकार में इसलिए आना चाहते हैं कि इसके माध्यम से समाज की सेवा करें, राष्ट्र के उन्नयन में अपना योगदान दें, समाज के अंतिम छोर में खड़े हुए व्यक्ति को आगे लाने का कार्य करें।

उन्होंने प्रशंसा करते हुए कहा, इस बार हमारी पार्टी ने अपने संगठन के दायरे को बढ़ाते हुए आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ, स्वयं सहायता प्रकोष्ठ को भी बहुत प्रमुखता दी है। चूंकि उत्तराखंड एक संवेदनशील हिमालय राज्य है, हमने आपदाओं का दर्द भी देखा है और उनसे लड़ने का साहस भी दिखाया है। पार्टी का एक सिद्धांत कि’जहां कम, वहां हम’—इस उक्ति को भी हमने चरितार्थ किया है। जब भी राज्य या देश पर कोई आपत्ति आती है, तो सरकार और प्रशासन तो अपना काम करते हैं।

लेकिन ऐसे विपरीत समय में सबसे पहले समाज खड़ा होता है। और समाज को दिशा देने का काम हमारे पार्टी के कार्यकर्ता करते हैं। ऐसे कठिन समय में हमारे कार्यकर्ता राहत के काम हों, बचाव के कार्य हों, उन सभी में योगदान देते हैं; चाहे आपदा हो, चाहे कोरोना जैसी महामारी हो, या कोई अन्य कोई असमय आने वाली विपत्ति हो। हमारे कार्यकर्ता राष्ट्र को सर्वोपरि मानते हुए, समाज को सर्वोपरि मानते हुए संकट की घड़ी में आगे बढ़ते हैं।

उन्होंने आपदा प्रबंधन प्रकोष्ठ के संयोजकों से आग्रह किया कि आप लोग ब्लॉक स्तर पर ऐसे युवाओं की टोली अवश्य तैयार कीजिए, जो आपदा के समय में ‘फर्स्ट रिस्पॉन्डर’ बनें यानी कि सबसे पहले वहां पर जाएं। हमें जनता के दिलों में यह विश्वास जगाना है कि संकट चाहे कितना भी बड़ा क्यों न हो, भारतीय जनता पार्टी का कार्यकर्ता हर मुश्किल में उनके साथ खड़ा है। यह भाव, यह विश्वास आम जनता में पैदा करने का काम हमारे प्रकोष्ठ के आप सभी महत्वपूर्ण पदाधिकारियों के माध्यम से होना है।

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तुरंत जारी करें 211 एकल महिलाओं को पैसा- रेखा आर्या https://himalayanganesha.com/2026/06/24/release-money-to-211-single-women-immediately-rekha-arya/ Wed, 24 Jun 2026 09:56:16 +0000 https://himalayanganesha.com/?p=7468

मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए भी विज्ञप्ति जारी करने के निर्देश

कैबिनेट मंत्री ने विभागीय बैठक में की विभिन्न योजनाओं की समीक्षा

देहरादून। 211 चयनित एकल महिलाओं को स्वरोजगार योजना के लिए धन बहुत जल्द जारी किया जाएगा। कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बुधवार को विभागीय बैठक में यह निर्देश दिए।

यमुना कॉलोनी कैंप कार्यालय में आयोजित बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि इस योजना के तहत 484 महिलाओं को पहले ही धनराशि की प्रथम किस्त जारी की जा चुकी है और उनमें से ज्यादातर ने अपना स्वरोजगार शुरू भी कर लिया है। 211 अन्य महिलाओं को धनराशि जारी करने के लिए बहुत जल्द कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इसके लिए मुख्यमंत्री से समय देने का निवेदन किया गया है।

बैठक में कैबिनेट मंत्री ने मौजूदा वित्तीय वर्ष के लिए एकल महिला स्वरोजगार योजना के आवेदन आमंत्रित करने हेतु विज्ञप्ति अगस्त तक जारी करने के निर्देश दिए। मौजूदा वित्तीय वर्ष में 2000 महिलाओं को इस योजना के तहत लाभ देने की तैयारी की गई है।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि 8 अगस्त को महिला दिवस पर आयोजित होने वाले कार्यक्रम में तीलू रौतेली पुरस्कार और आंगनबाड़ी सम्मान पुरस्कार दिए जाने हैं । इन दोनों के लिए विज्ञप्ति जारी कर दी गई है। बैठक में उन्होंने अधिकारियों को इस प्रक्रिया को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, निदेशक बंसीलाल राणा, मोहित चौधरी आदि उपस्थित रहे।

आज जारी होंगे नंदा गौरा योजना के 19 करोड़

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि नंदा गौरा योजना के तहत हरिद्वार और उत्तरकाशी जनपद के 4000 से ज्यादा बालिकाएं समय से औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण अपनी धनराशि प्राप्त नहीं कर पाई थी। इन सभी को 19 करोड़ 22 लाख 78 हजार रुपए की धनराशि गुरुवार को बैंक खातों में डीबीटी की जाएगी।

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